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उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान शुरू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यव्यापी मेगा पौधारोपण अभियान को नई गति
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उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यव्यापी मेगा पौधारोपण अभियान को नई गति दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों, वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि मानसून का मौसम पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है और इस अवसर का अधिकतम उपयोग करते हुए पूरे प्रदेश में करोड़ों पौधे लगाए जा रहे हैं। अभियान में सरकारी विभागों के साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक लगाए गए पौधे की निगरानी की जाए और उसकी जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक फलदार, छायादार और पर्यावरण के अनुकूल पौधों का रोपण करना है।

     

    वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत सड़कों के किनारे, सरकारी विद्यालयों, अस्पतालों, पंचायत भवनों, औद्योगिक क्षेत्रों, नदी किनारों और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जा रहे हैं। विभिन्न जिलों को उनकी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों का चयन किया जा रहा है ताकि पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहे।

     

    बैठक में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में प्रदेश का हरित क्षेत्र उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए।

     

    विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण से वायु प्रदूषण कम करने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलती है। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही वन क्षेत्र बढ़ने से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी मजबूती मिलती है।

     

    सरकार ने सभी जिलों से पौधारोपण अभियान की नियमित रिपोर्ट मांगी है और प्रत्येक जिले की प्रगति की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना भी तैयार की जाए। स्थानीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी पौधों की देखभाल में भागीदार बनाया जा रहा है।

     

    उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण की रणनीति का हिस्सा है। यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधारोपण और संरक्षण का कार्य सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, पर्यावरणीय संतुलन मजबूत होगा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

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