Last updated: May 17th, 2026 at 12:56 pm

देश में बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रही है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम वर्ग, ऑटो चालकों, टैक्सी ड्राइवरों और रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग CNG वाहनों का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसे पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और बेहतर विकल्प माना जाता रहा है।
हालांकि पिछले कुछ समय में CNG की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। इससे आम लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार पहले जनता को सस्ती गैस और ईंधन का वादा करती थी, लेकिन अब लगातार कीमतें बढ़ रही हैं।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार को घेरने की कोशिश की। कई नेताओं ने पोस्ट कर कहा कि महंगाई अब आम आदमी की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। पार्टी का दावा है कि खाने-पीने की चीजों से लेकर गैस, बिजली और परिवहन तक हर क्षेत्र में खर्च बढ़ता जा रहा है।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर भारत पर भी पड़ता है। सरकार का दावा है कि आम जनता को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर केवल राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया।
दिल्ली-NCR में ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चिंता देखी जा रही है। कई चालकों का कहना है कि CNG महंगी होने से उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है। अगर किराया बढ़ाया जाता है तो यात्रियों की संख्या कम हो सकती है और अगर किराया नहीं बढ़ाया जाए तो कमाई घट जाती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई हमेशा से भारतीय राजनीति का बड़ा मुद्दा रही है। चुनावी माहौल के करीब आते ही विपक्ष इस विषय को और आक्रामक तरीके से उठाने की कोशिश करता है। कांग्रेस भी आने वाले चुनावों से पहले जनता के बीच महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को मजबूत तरीके से रखने की रणनीति बना रही है।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी परेशान है। विपक्षी दलों की कोशिश है कि महंगाई के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनाया जाए।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि ईंधन की कीमतों का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता। जब परिवहन महंगा होता है तो खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसका सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है।
वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि भारत ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कई क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखी है। उनका तर्क है कि दुनिया के कई देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है।
फिलहाल CNG कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और जोरशोर से उठा सकता है। खासतौर पर दिल्ली और शहरी क्षेत्रों में यह विषय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
कुल मिलाकर CNG कीमतों में बढ़ोतरी केवल आर्थिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह अब राजनीतिक बहस का भी बड़ा हिस्सा बन चुका है। जनता की नजर अब इस बात पर है कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है और क्या आने वाले समय में लोगों को राहत मिल पाएगी।
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