Last updated: October 3rd, 2026 at 02:17 pm

उत्तर प्रदेश के कानपुर में चार दिन से लापता 23 वर्षीय LLB छात्रा रुचि पाल उर्फ स्वाति का शव शुक्रवार को रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में मिला। छात्रा गोविंदनगर थाना क्षेत्र के दबौली वेस्ट इलाके से लापता हुई थी। शव कानपुर-झांसी रेलवे ट्रैक के किनारे करीब 15 फीट नीचे झाड़ियों में मिला। परिजनों ने छात्रा के दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोस्त ओमवीर यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार, रुचि 28 सितंबर को घर से निकली थी और इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी काफी तलाश की। जब उसका कोई पता नहीं चला तो पुलिस में गुमशुदगी की सूचना दी गई। परिजन लगातार अपने स्तर पर भी छात्रा की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास खोजबीन के दौरान उन्हें छात्रा की चप्पल मिली। इसके बाद उस क्षेत्र में तलाश तेज की गई और शुक्रवार को झाड़ियों में शव दिखाई दिया।
रुचि LLB की दूसरे वर्ष की छात्रा थी। वह कानपुर के दबौली वेस्ट इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थी। शव मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने पुलिस के सामने उसके दोस्त पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की गहन जांच की मांग की। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मामले में ओमवीर यादव के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्रा का परिचित था। पुलिस अब दोनों के बीच हुई बातचीत, मोबाइल फोन से जुड़े रिकॉर्ड और घटना वाले दिन की गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा आखिरी बार किसके संपर्क में थी और घर से निकलने के बाद वह किन परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक तक पहुंची।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोस्त की ओर से यह कहा गया कि उसने छात्रा से बातचीत की थी और बाद में ट्रेन की आवाज आने के बाद उसने बातचीत बंद कर दी। इसके बाद उसने मैसेज करके पूछा था कि वह बात क्यों नहीं कर रही है। हालांकि, इन बयानों और घटना के वास्तविक क्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
शव जिस स्थान पर मिला, वह रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों वाला इलाका है। शव काफी समय से वहां पड़े रहने के कारण खराब हालत में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह और शरीर पर चोटों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
मामले की जांच में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण हो सकती है। परिजनों ने खुद छात्रा की तलाश के दौरान CCTV फुटेज खंगालने की बात कही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा आखिरी बार कहां दिखाई दी थी और उसके बाद उसके साथ क्या हुआ। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छात्रा के लापता होने के बाद उन्हें खुद ही उसकी तलाश करनी पड़ी। हालांकि, पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई और जांच की पूरी स्थिति आधिकारिक जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस हत्या के आरोप की जांच कर रही है।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी दोस्त से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
कानपुर की इस घटना में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज, मोबाइल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड तथा घटनास्थल से मिले साक्ष्य होंगे। इन सभी के आधार पर पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
छात्रा के परिवार की ओर से उसके दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया गया है और उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और छात्रा की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए विभिन्न साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
![]()
Comments are off for this post.