Last updated: August 27th, 2026 at 11:22 am

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में चकेरी पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को उत्तम आईटीआई, सनिगवां के पास से पकड़ा। उसके कब्जे से चोरी की तीन बाइक और एक स्कूटी बरामद की गई हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर वाहन चोरी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र कुमार उर्फ मयंक तिवारी उर्फ सत्या के रूप में हुई है। वह मूल रूप से फतेहपुर जिले के जाफरगंज थाना क्षेत्र के चरई गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बस से कानपुर आता था और यहां दोपहिया वाहन चोरी करने के बाद उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर खपाता था।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी चोरी किए गए वाहनों को फतेहपुर और उन्नाव की ओर ले जाता था। वहां इन वाहनों को बेचने या उनके इस्तेमाल के लिए खपाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
चकेरी पुलिस ने आरोपी को बुधवार रात उत्तम आईटीआई के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने इलाके में कार्रवाई की और उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की। बरामद वाहनों के संबंध में पुलिस अब उनके मालिकों और संबंधित थानों में दर्ज चोरी की शिकायतों का मिलान कर रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि ये वाहन कब और कहां से चोरी किए गए थे।
पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना भी है कि आरोपी अकेले वाहन चोरी करता था या उसके साथ कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। चोरी किए गए वाहनों को दूसरे जिलों में ले जाकर बेचने की बात सामने आने के बाद पुलिस को इसमें अन्य लोगों की भूमिका की भी आशंका है।
पुलिस के अनुसार आरोपी करीब डेढ़ महीने पहले फतेहपुर की बिंदकी जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसके दोबारा वाहन चोरी की गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इस तथ्य की भी जांच की जा रही है कि उसके खिलाफ पहले से कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वाहन चोरी की घटनाओं में अक्सर चोर ऐसे वाहनों को निशाना बनाते हैं जिन्हें आसानी से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सके। दोपहिया वाहन इस तरह के अपराधों में विशेष रूप से निशाने पर रहते हैं, क्योंकि इन्हें कम समय में चोरी करके दूसरे इलाके में पहुंचाया जा सकता है।
कानपुर जैसे बड़े शहर में दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण वाहन चोरी पुलिस के सामने लगातार चुनौती बनी रहती है। बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्क किए गए वाहन चोरों के निशाने पर आ सकते हैं।
पुलिस अब बरामद वाहनों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यदि इन वाहनों की चोरी की शिकायतें अलग-अलग थानों में दर्ज मिलती हैं तो आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या बढ़ सकती है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगा सकती है कि चोरी किए गए वाहनों की पहचान बदलने या उन्हें बेचने के लिए किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली जाती थी या नहीं। ऐसे मामलों में वाहन के दस्तावेज, नंबर प्लेट और चेसिस संबंधी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
पुलिस की कार्रवाई से वाहन चोरी के मामलों में शामिल अन्य संदिग्धों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है। यदि पूछताछ में किसी गिरोह या खरीदार का नाम सामने आता है तो पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
स्थानीय लोगों के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चोरी के वाहनों को दूसरे जिलों में ले जाने से उनके बरामद होने की संभावना कम हो सकती है। ऐसे में अलग-अलग जिलों की पुलिस के बीच समन्वय जरूरी हो जाता है।
पुलिस ने बरामद वाहनों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। वाहन मालिकों की पहचान होने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें वापस सौंपने की कार्रवाई की जा सकती है।
कानपुर की चकेरी पुलिस ने उत्तम आईटीआई के पास से शातिर वाहन चोर सत्येंद्र कुमार उर्फ मयंक तिवारी उर्फ सत्या को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से तीन बाइक और एक स्कूटी बरामद की हैं। पूछताछ में उसके फतेहपुर और उन्नाव में चोरी के वाहनों को खपाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और पुराने आपराधिक मामलों की जांच कर रही है।
![]()
Comments are off for this post.