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कैंची धाम की भीड़ घटाने की तैयारी, बाबा नीम करौली से जुड़े अन्य मंदिर बनेंगे आस्था के नए केंद्र

नैनीताल: देश और विदेश में बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लगातार बढ़ रही श्रद्धा के कारण कैंची धाम में
कैंची धाम की भीड़ घटाने की तैयारी, बाबा नीम करौली से जुड़े अन्य मंदिर बनेंगे आस्था के नए केंद्र

नैनीताल: देश और विदेश में बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लगातार बढ़ रही श्रद्धा के कारण कैंची धाम में हर साल भारी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि खास मौकों और सीजन में यहां यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर अत्यधिक दबाव देखने को मिलता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक नई और व्यापक योजना पर काम शुरू किया है, जिसका मकसद आस्था को संतुलित रूप से फैलाना और धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देना है।

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    सरकार अब बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े अन्य प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों को विकसित कर धार्मिक पर्यटन सर्किट तैयार करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु केवल कैंची धाम तक सीमित न रहें, बल्कि बाबा से जुड़े आसपास के अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन भी करें। इससे जहां कैंची धाम में भीड़ का दबाव कम होगा, वहीं पूरे कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    बहुत कम श्रद्धालु जानते हैं कि कैंची धाम बाबा नीम करौली महाराज का एकमात्र या पहला चमत्कारिक स्थल नहीं है। कुमाऊं मंडल में कई ऐसे मंदिर मौजूद हैं, जिनकी स्थापना स्वयं बाबा ने की थी और जिनसे आज भी चमत्कारों और आस्था की गहरी कहानियां जुड़ी हुई हैं। अल्मोड़ा रोड स्थित क्वारब, काकड़ीघाट, नैनीताल के पास हनुमान गढ़ी, भूमियाधार सहित कई हनुमान मंदिर इस प्रस्तावित सर्किट का हिस्सा होंगे।

    इन सभी स्थलों को एक साथ जोड़ने के लिए सरकार डिजिटल माध्यमों का सहारा लेगी। एक समर्पित वेबसाइट, मोबाइल एप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए श्रद्धालुओं को बाबा से जुड़े मंदिरों, आश्रमों और दर्शनीय स्थलों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे भक्त अपनी यात्रा की योजना पहले से बना सकेंगे और वैकल्पिक दर्शन स्थलों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।

    सुविधाओं के साथ होगा सौंदर्यीकरण

    नैनीताल जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी के अनुसार, बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अक्सर नैनीताल, भीमताल, सातताल और मुक्तेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों की यात्रा भी करते हैं। जिले में कई ऐसे धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें अब मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत विकसित किया जाएगा।

    इस योजना के अंतर्गत हनुमान गढ़ी मंदिर और पदमपुरी स्थित बाबा सोमवारी मंदिर के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी शामिल है। साथ ही इन मंदिरों के आसपास सड़क, पार्किंग, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

    पर्यटन विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल कैंची धाम की भीड़ नियंत्रित होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जिले के शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को मजबूती मिलेगी।

    बाबा के भक्तों में सरकार के इस फैसले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह कदम आस्था के नए रास्ते खोलने के साथ-साथ उत्तराखंड के धार्मिक मानचित्र को और समृद्ध करेगा।

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