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गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार थार पलटी, चार युवकों की मौत; 17 वर्षीय किशोर घायल

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत
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उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय एक किशोर घायल हो गया। हादसा सिंभावली थाना क्षेत्र में हुआ, जहां बदायूं से दिल्ली जा रही थार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया।

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    जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार देर रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच हुआ। बदायूं जिले के बिल्सी क्षेत्र के पालपुर गांव निवासी जोगिंदर सिंह अपने साथियों के साथ थार कार से दिल्ली की ओर जा रहे थे। कार में कुल पांच लोग सवार थे। जैसे ही वाहन सिंभावली थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंचा, चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और तेज रफ्तार कार सड़क पर पलट गई।

    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सिंभावली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव का काम शुरू किया। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 17 वर्षीय विष्णु का इलाज शुरू किया गया।

    मृतकों की पहचान जोगिंदर सिंह, सुखबीर, जसवंत और रवि के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार जोगिंदर सिंह की उम्र करीब 26 वर्ष, सुखबीर की 25 वर्ष और जसवंत तथा रवि की उम्र करीब 20 वर्ष थी। सभी मृतक बदायूं जिले के अलग-अलग गांवों से बताए गए हैं। घायल किशोर विष्णु पालपुर गांव का रहने वाला है।

    प्रारंभिक जानकारी में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस दुर्घटना के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त थार को एक्सप्रेसवे से हटवाया, जिससे यातायात को सामान्य किया जा सके।

    पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों के परिवारों को हादसे की सूचना दी गई, जिसके बाद उनके घरों में मातम पसर गया। एक साथ चार युवकों की मौत से उनके गांवों में भी शोक का माहौल है।

    सड़क दुर्घटना के बाद एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर सवाल उठे हैं। एक्सप्रेसवे पर सड़क की गुणवत्ता और यातायात अपेक्षाकृत बेहतर होने के कारण कई चालक अधिक गति से वाहन चलाते हैं। लेकिन तेज रफ्तार में अचानक नियंत्रण बिगड़ने पर दुर्घटना बेहद गंभीर हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सीट बेल्ट लगाना और रात के समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। लंबे सफर के दौरान चालक को पर्याप्त आराम भी लेना चाहिए। खासकर देर रात यात्रा करते समय नींद या थकान के कारण वाहन पर नियंत्रण प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।

    हादसे में घायल किशोर का इलाज जारी है। पुलिस उसके स्वास्थ्य और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान वाहन की तकनीकी स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और दुर्घटना से पहले वाहन की गति जैसे पहलुओं को भी देखा जा सकता है।

    गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि तेज रफ्तार को नियंत्रित करने और रात में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी, स्पीड कंट्रोल और जागरूकता अभियान सड़क हादसों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर बदायूं से दिल्ली जा रही थार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में जोगिंदर सिंह, सुखबीर, जसवंत और रवि की मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय विष्णु घायल हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।

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