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गणतंत्र दिवस पर उत्तरकाशी के धराली गांव में विरोध की आवाज़, आपदा प्रभावित ग्रामीण धरने पर बैठे

उत्तरकाशी: देश जहां 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है, वहीं उत्तरकाशी जिले के धराली गांव
गणतंत्र दिवस पर उत्तरकाशी के धराली गांव में विरोध की आवाज़, आपदा प्रभावित ग्रामीण धरने पर बैठे

उत्तरकाशी: देश जहां 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है, वहीं उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में माहौल बिल्कुल अलग नजर आया। आपदा से प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 26 जनवरी के दिन ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। के दर्जनों लोग सुबह काली कमली क्षेत्र में एकत्र हुए, जहां पहले आपस में बैठक की गई और फिर शांतिपूर्ण धरने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा को काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो उन्हें पूरा मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास को लेकर कोई ठोस योजना सामने आई है।

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    “छत होगी तब मनाएंगे जश्न”

    धरने पर बैठे ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि वे भी इसी देश के नागरिक हैं, लेकिन आज भी असुरक्षित हालात में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित रूप में मुआवजा और पुनर्वास की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

    आपदा प्रभावितों ने प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं—

    आपदा से हुए नुकसान का बाजार मूल्य के अनुसार आकलन कर तुरंत मुआवजा दिया जाए।

    प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की स्थायी व्यवस्था की जाए।

    गांव के क्षतिग्रस्त रास्तों, भवनों और अन्य बुनियादी ढांचे का शीघ्र निर्माण कराया जाए।

    प्रशासन मौके पर, डीएम को बुलाने पर अड़े ग्रामीण

    धरने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। एडीएम और एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। हालांकि, ग्रामीण जिलाधिकारी के सीधे मौके पर पहुंचने की मांग पर अडिग हैं। बताया जा रहा है कि डीएम के जल्द धराली पहुंचने की संभावना है। फिलहाल गणतंत्र दिवस के जश्न के बीच धराली गांव में मुआवजे और पुनर्वास की मांग सबसे बुलंद आवाज बनकर उभरी हुई है

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