Last updated: July 3rd, 2026 at 03:58 pm

बिहार की राजनीति में प्रधानमंत्री पद को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रयास करने की सलाह दिए जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार मजबूती से काम कर रही है।
चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पूरी मजबूती के साथ सरकार चला रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री पद को लेकर दिए जा रहे बयान केवल राजनीतिक चर्चा का हिस्सा हैं और उनका वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार देश का नेतृत्व स्थिर है और सरकार अपने विकास एजेंडे पर काम कर रही है।
इससे पहले तेजस्वी यादव ने एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि यदि नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की इच्छा है, तो उन्हें उसके लिए प्रयास करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने-अपने तरीके से इस पर प्रतिक्रिया दी। चिराग पासवान का बयान इन्हीं प्रतिक्रियाओं की कड़ी माना जा रहा है।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा रखते हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य विकास, सुशासन और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह केवल राजनीतिक बयान देकर चर्चा में बने रहने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में अगले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने नेताओं के माध्यम से राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री पद जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर दिए गए बयान भी राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार की राजनीति का प्रभाव अक्सर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई देता है। राज्य के प्रमुख नेताओं के बयान केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी चर्चा होती है। इसी कारण विभिन्न दल एक-दूसरे के बयानों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं।
दूसरी ओर, जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि पार्टी पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि उसका पूरा ध्यान बिहार के विकास और एनडीए सरकार के साथ मिलकर काम करने पर है। ऐसे में प्रधानमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं को राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।
तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के बयानों के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि चुनावी माहौल के करीब आते ही इस तरह की बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
![]()
Comments are off for this post.