Last updated: September 21st, 2026 at 03:27 pm

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सड़क, जल निकासी और कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ₹125 करोड़ की एकीकृत परियोजना की योजना बनाई है। इसके तहत आउटर रिंग रोड से बाबा कॉलोनी, नाथूपुरा होते हुए हिरणकी तक 7.1 किलोमीटर लंबे पूरे बुराड़ी कॉरिडोर का सुधार किया जाएगा। परियोजना में सड़क निर्माण के साथ-साथ जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 9.3 किलोमीटर लंबे ड्रेनेज नेटवर्क को भी विकसित किया जाएगा।
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुराड़ी रोड और आसपास की जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ प्रस्तावित योजना की समीक्षा की। परियोजना का उद्देश्य अलग-अलग हिस्सों में सड़क सुधार करने के बजाय पूरे कॉरिडोर को एक साथ विकसित करना है, ताकि सड़क निर्माण के बाद दोबारा ड्रेनेज के लिए सड़क खोदने जैसी स्थिति कम हो।
योजना के अनुसार, 7.1 किलोमीटर लंबे मार्ग को अलग-अलग हिस्सों में विकसित किया जाएगा। आउटर रिंग रोड से बाबा कॉलोनी तक बिटुमिन सड़क बनाई जाएगी। बाबा कॉलोनी से नाथूपुरा के बीच लगभग 3.9 किलोमीटर हिस्से को RCC सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस हिस्से पर करीब ₹39 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसके बाद नाथूपुरा से हिरणकी तक का हिस्सा भी बिटुमिन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। पूरे कॉरिडोर में सेंट्रल वर्ज बनाने की भी योजना है।
सड़क निर्माण के साथ ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करना भी परियोजना का बड़ा हिस्सा है। लगभग 9.3 किलोमीटर लंबे ड्रेनेज नेटवर्क पर करीब ₹75 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। प्रस्तावित व्यवस्था में अमृत विहार से बंगाली कॉलोनी तक सड़क के दोनों ओर ड्रेनेज बनाया जाएगा। इसके अलावा स्वरूप नगर मोड़ से बुराड़ी क्रीक तक मौजूदा जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
बुराड़ी क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण रही है। कई हिस्सों में पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। नई ड्रेनेज योजना का उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी की क्षमता बढ़ाना और ऐसे स्थानों पर जलभराव को कम करना है।
PWD के मुताबिक, ड्रेनेज कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सड़क निर्माण के लिए टेंडर अगले 10 दिनों में जारी किए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों को सड़क और ड्रेनेज दोनों कार्यों में आपसी समन्वय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण के दौरान स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को बार-बार होने वाली परेशानी से बचाया जा सके।
परियोजना के तहत सड़क और ड्रेनेज कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। विभाग का कहना है कि इससे सड़क की स्थिति सुधारने के साथ-साथ जलभराव से जुड़ी समस्या को भी एक ही परियोजना के माध्यम से संबोधित किया जा सकेगा। अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से काम कराने पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
सड़क का पुनर्निर्माण शुरू होने तक प्रभावित हिस्सों में नियमित पानी का छिड़काव करने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसका उद्देश्य सड़क से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना और स्थानीय लोगों तथा वाहन चालकों को अस्थायी राहत देना है।
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