Last updated: July 18th, 2026 at 03:18 pm

राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। प्रशासन ने संसद भवन, विजय चौक, इंडिया गेट, सेंट्रल विस्टा और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सर्विलांस की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को बहु-स्तरीय बनाया गया है। संसद क्षेत्र के आसपास अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Reaction Teams) को भी सक्रिय रखा गया है। इसके अलावा प्रमुख मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी विशेष योजना तैयार की है। कई मार्गों पर वाहनों के आवागमन में अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही हैं। पुलिस का कहना है कि भ्रामक या भड़काऊ संदेश फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो वह तुरंत पुलिस हेल्पलाइन या निकटतम थाने को इसकी सूचना दे सकता है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी सभी की जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या हिंसा फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संसद क्षेत्र देश का सबसे संवेदनशील इलाका है, इसलिए बड़े आयोजनों या प्रदर्शनों से पहले सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना आवश्यक है। उनका कहना है कि आधुनिक निगरानी तकनीक, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से किसी भी संभावित खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी अफवाह से बचें। आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी ताकि राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।
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