Last updated: September 14th, 2026 at 12:27 pm

दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में चोरी के शक में कथित तौर पर पीटे गए 18 वर्षीय युवक की अस्पताल में मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मृतक की पहचान राम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में दो ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, राम कुमार को 29 अगस्त को कुछ ट्रक ड्राइवरों ने उस समय पकड़ लिया था, जब उस पर ट्रकों से केबल और अन्य सामान चोरी करने का शक था। इसके बाद उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 29 अगस्त की शाम करीब सात बजे राम कुमार चार अन्य लोगों के साथ भलस्वा डेयरी इलाके में मौजूद था। ट्रक ड्राइवरों ने उन्हें कथित तौर पर ट्रकों से केबल या अन्य सामान निकालने की कोशिश करते हुए पकड़ा। इसके बाद राम कुमार की पिटाई की गई। घटना के अगले दिन उसके परिवार ने उसे इलाज के लिए बुराड़ी अस्पताल पहुंचाया। मेडिकल जांच में उसके हाथ पर चोट और कट, आंख पर चोट तथा पैर पर चोट के निशान मिले थे। हालांकि, उस समय डॉक्टरों ने कोई गंभीर या जानलेवा चोट नहीं पाई और इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस घटना के बाद राम कुमार के भाई ने पुलिस को फोन कर बताया था कि उसके भाई और कुछ अन्य युवकों पर चोरी का आरोप लगाकर ट्रक ड्राइवरों ने मारपीट की है। पुलिस के मुताबिक, उस समय परिवार की ओर से मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की गई थी। इसके कारण घटना के तत्काल बाद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में राम कुमार की तबीयत बिगड़ने पर मामला फिर सामने आया।
9 सितंबर को राम कुमार दोबारा अस्पताल पहुंचा। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजा। बाद में उसे राजन बाबू टीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां 9 और 10 सितंबर की दरम्यानी रात उसकी मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।
पुलिस ने इसके बाद भलस्वा डेयरी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया। यह धारा गैर इरादतन हत्या के बराबर न पहुंचने वाले आपराधिक मानव वध से संबंधित है। मामले में मुन्तियाज और नईम नाम के दो ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों कथित तौर पर राम कुमार को पकड़ने और उसके साथ मारपीट करने वालों में शामिल थे। अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए भी पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर भेजी गई हैं।
राम कुमार के शव का पोस्टमार्टम 12 सितंबर को कराया गया। इसका उद्देश्य मौत की वास्तविक चिकित्सकीय वजह का पता लगाना है। पुलिस जांच में यह पहलू महत्वपूर्ण है कि 29 अगस्त को हुई कथित मारपीट और 9-10 सितंबर को हुई मौत के बीच क्या सीधा चिकित्सकीय संबंध था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इस संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि चोरी के संदेह में किसी व्यक्ति को खुद सजा देने या उसके साथ मारपीट करने के बजाय पुलिस को सूचना देना कितना जरूरी है। किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप होने मात्र से उसे पीटने का अधिकार किसी निजी व्यक्ति को नहीं मिल जाता। मामले में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान कितने लोग मौजूद थे और राम कुमार के साथ किस-किस व्यक्ति ने कथित तौर पर मारपीट की।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटना से जुड़े अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मौत की सटीक वजह और प्रत्येक आरोपी की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
![]()
Comments are off for this post.