Last updated: September 30th, 2026 at 12:48 pm

दिल्ली नगर निगम ने पुराने संपत्ति कर बकाये को निपटाने के लिए SUNIYO 2.0 योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित संपत्ति कर मामलों को निपटाना और करदाताओं को पुराने बकाये पर लगने वाले ब्याज और जुर्माने से निर्धारित शर्तों के तहत राहत देना है। योजना 29 सितंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी।
इस योजना को ‘वन प्लस सेवन’ नाम दिया गया है। इसके तहत करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल संपत्ति कर और पिछले सात वित्तीय वर्षों यानी 2019-20 से 2025-26 तक का मूल कर जमा करना होगा। निर्धारित भुगतान पूरा करने के बाद 2019-20 से पहले की अवधि से जुड़े बकाये पर लागू ब्याज और जुर्माने से योजना की शर्तों के अनुसार राहत मिल सकती है।
योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को MCD के संपत्ति कर पोर्टल पर अपना रिटर्न दाखिल करना होगा और निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। इसके बाद पुराने बकाये को योजना के नियमों के अनुसार निपटाया जा सकेगा। निगम ने करदाताओं तक जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान और सुविधा शिविर आयोजित करने की भी व्यवस्था की है।
जिन संपत्ति मालिकों की कुल कर देनदारी 5 लाख रुपये या उससे अधिक है, उनके लिए भी योजना में विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे पात्र करदाता निर्धारित शर्तों के तहत अपनी देनदारी को योजना की अवधि के दौरान समान किस्तों में जमा कर सकते हैं। इससे बड़ी कर देनदारी वाले संपत्ति मालिकों को एक साथ पूरी राशि जमा करने के बजाय किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा।
MCD ने संपत्ति कर से जुड़े गलत आकलन को सुधारने के लिए भी योजना में प्रावधान रखा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करदाता योजना की अवधि के दौरान या निर्धारित समयसीमा के भीतर गलत संपत्ति आकलन को ठीक कराने का अनुरोध कर सकते हैं। इससे उन मामलों को भी निपटाने की कोशिश की जा रही है जिनमें संपत्ति से संबंधित कर निर्धारण में गलती होने का दावा किया गया है।
अदालतों में लंबित संपत्ति कर से जुड़े मामलों के लिए भी योजना में अलग प्रावधान है। ऐसे मामलों में पात्र करदाता निर्धारित नियमों के तहत योजना का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए संबंधित मामले से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और लंबित मुकदमे को वापस लेने संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।
योजना के तहत जमा किए गए संपत्ति कर रिटर्न की बाद में भी जांच की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MCD अप्रैल 2027 से मार्च 2028 के बीच योजना के तहत दाखिल रिटर्न की जांच कर सकता है। अगर जांच में कर की कम राशि जमा होने की बात सामने आती है, तो नियमों के अनुसार अतिरिक्त राशि की वसूली के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
दिल्ली में संपत्ति कर MCD के प्रमुख राजस्व स्रोतों में शामिल है। पुराने बकाये की वसूली लंबे समय से निगम के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। नई योजना के जरिए एक ओर पुराने मामलों को निपटाने और दूसरी ओर संपत्ति कर रिकॉर्ड को नियमित करने का प्रयास किया जा रहा है। करदाताओं के लिए योजना की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 रखी गई है।
अब दिल्ली के संपत्ति मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे अपने संपत्ति कर खाते की स्थिति जांचें और यदि वे SUNIYO 2.0 के तहत पात्र हैं, तो निर्धारित समयसीमा और शर्तों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करें। योजना के तहत मिलने वाली राहत स्वतः सभी पुराने बकायों पर लागू नहीं होगी, बल्कि निर्धारित वर्षों का मूल कर जमा करने और अन्य नियमों का पालन करने पर ही इसका लाभ मिलेगा।
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