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दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बढ़ावा, ASHA कार्यकर्ताओं का इंसेंटिव ₹3,000 से बढ़कर ₹6,000 हुआ

दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लागू किए हैं। मंगलवार को आयोजित ASHA
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दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लागू किए हैं। मंगलवार को आयोजित ASHA सम्मेलन-2026 और सेवा संकल्प अभियान के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई नई पहलों की शुरुआत की। इनमें ASHA कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को दोगुना करना, नवजात बच्चों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच का दायरा बढ़ाना, अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करना और निजी नर्सिंग होम के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू करना शामिल है।

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    सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में दिल्ली की ASHA कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 करना शामिल है। इससे राजधानी में काम कर रहीं करीब 6,690 ASHA कार्यकर्ताओं को फायदा मिलेगा। ASHA कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार का कहना है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ाने से उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा।

     

    दिल्ली सरकार ने इसके साथ ही Mission ANMOL का भी विस्तार किया है। इस योजना के तहत अब नवजात बच्चों में 63 गंभीर आनुवंशिक, मेटाबॉलिक और जन्मजात बीमारियों की जांच की जाएगी। पहले इस कार्यक्रम में 56 बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाती थी। जांच जन्म के 24 से 72 घंटे के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसी बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो सके और जरूरत पड़ने पर बच्चे का इलाज समय पर शुरू किया जा सके।

     

    सरकार के मुताबिक Mission ANMOL के तहत अब तक 75 हजार से अधिक नवजात बच्चों की जांच की जा चुकी है और 700 से ज्यादा बच्चों को समय पर इलाज मिला है। आने वाले समय में सरकार इस योजना की सालाना स्क्रीनिंग क्षमता को लगभग 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख नवजात बच्चों तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है। इससे गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान और उपचार की संभावना बढ़ेगी।

     

    इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नवजात बच्चों में ऐसी बीमारियों की पहचान करना है जिनका इलाज शुरुआती अवस्था में अधिक प्रभावी हो सकता है। समय पर जांच होने से परिवारों को बीमारी की जानकारी जल्दी मिल सकती है और डॉक्टर बच्चे के लिए आवश्यक उपचार या निगरानी की योजना बना सकते हैं। इससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

     

    कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के GB Pant Hospital में State Organ and Tissue Transplant Organisation यानी SOTTO के नए मुख्यालय का भी उद्घाटन किया गया। SOTTO का उद्देश्य अंग और ऊतक दान तथा प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इससे अंगदान से जुड़े मामलों में संस्थागत व्यवस्था मजबूत करने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर सहायता पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

     

    दिल्ली सरकार ने निजी नर्सिंग होम से जुड़ी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने के लिए Nursing Home Management System पोर्टल भी शुरू किया है। इसके माध्यम से निजी नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी तथा स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी में भी सुधार आएगा।

     

    ASHA सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली ASHA कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। सरकार ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। ASHA कार्यकर्ता खास तौर पर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और परिवारों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

     

    दिल्ली सरकार की इन घोषणाओं का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित रखने के बजाय घर और समुदाय के स्तर तक मजबूत करना है। ASHA कार्यकर्ताओं के लिए बढ़ा हुआ प्रोत्साहन, नवजात बच्चों की विस्तृत स्क्रीनिंग, अंग प्रत्यारोपण की बेहतर व्यवस्था और नर्सिंग होम की ऑनलाइन प्रक्रिया—इन सभी पहलों को राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक तकनीकी, पारदर्शी और लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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