Last updated: September 21st, 2026 at 03:22 pm

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच राजधानी के कंझावला इलाके में बसों में तोड़फोड़ के मामले सामने आए हैं। पिछले दो दिनों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर DTC बसों के शीशे तोड़े जाने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन ऐसे व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन पर इन घटनाओं की योजना बनाने और लोगों को उकसाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, कंझावला थाने में कई PCR कॉल प्राप्त हुई थीं। इन कॉल में हड़ताल के दौरान अलग-अलग जगहों पर DTC बसों के शीशे टूटने और बसों को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी दी गई। शुरुआती जांच में नौ लोगों की पहचान की गई थी। इसके बाद DTC डिपो मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान तीन अन्य लोगों की पहचान हुई, जिन्हें तोड़फोड़ की कथित योजना बनाने और लोगों को उकसाने वाला बताया गया। इन तीनों की पहचान विक्की, भरत और अमित के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार उनकी उम्र क्रमशः 27, 28 और 38 वर्ष है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बसों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में और कितने लोग शामिल थे। जांच के दौरान डिजिटल माध्यमों से कथित योजना बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को एक WhatsApp समूह के बारे में जानकारी मिली है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर बसों को निशाना बनाने और हमलों से जुड़ी चर्चा के लिए किया जा रहा था। इस पहलू की जांच अभी जारी है।
यह घटनाक्रम DTC कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सामने आया है। हड़ताल कर रहे ड्राइवर और कंडक्टर प्रतिदिन 2,000 रुपये वेतन, चिकित्सा सुविधाओं, वार्षिक और त्योहार बोनस, सरकारी छुट्टियों के भुगतान, बीमा तथा अन्य भत्तों जैसी मांगें उठा रहे हैं। कर्मचारियों ने दुर्घटना या बसों को नुकसान होने की स्थिति में वेतन से होने वाली कटौती को लेकर भी आपत्ति जताई है।
बसों में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा को लेकर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर घटनाओं में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह निर्धारित करना है कि तोड़फोड़ की घटनाएं अलग-अलग लोगों द्वारा की गई थीं या इनके पीछे कोई समन्वित योजना थी। WhatsApp समूह और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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