Human Live Media

HomeBlogदेहरादून को मिलेगा हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर, रिस्पना–बिंदाल रोड का डिजाइन भी बदला

देहरादून को मिलेगा हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर, रिस्पना–बिंदाल रोड का डिजाइन भी बदला

देहरादून को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को अब पहले से कहीं अधिक
देहरादून को मिलेगा हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर, रिस्पना–बिंदाल रोड का डिजाइन भी बदला

देहरादून को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को अब पहले से कहीं अधिक तेज रफ्तार और आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

Table of Contents


    Dehradun News:
    देहरादून को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को अब पहले से कहीं अधिक तेज रफ्तार और आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) के पुराने प्लान में जहां वाहनों की अधिकतम गति 20 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय थी, वहीं अब इसे NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के मानकों के अनुसार अपडेट किया जा रहा है।

     

    100 किमी प्रति घंटे तक चल सकेंगे वाहन

     

    नए डिजाइन के तहत एलिवेटेड रोड को इस तरह विकसित किया जाएगा कि उस पर 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित यातायात संभव हो सके। परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून के एक छोर से दूसरे छोर तक की दूरी महज 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी। वर्तमान स्थिति में आईएसबीटी से मसूरी डायवर्जन तक पहुंचने में आमतौर पर 30 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है। ऐसे में यह हाई-स्पीड कॉरिडोर शहर के लिए ट्रैफिक के लिहाज़ से गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

     

    NHAI ने क्यों किया डिजाइन में हस्तक्षेप?

     

    करीब 6200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे लगभग 25 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित है। शुरुआत में इसका डिजाइन और भूमि अधिग्रहण PWD द्वारा किया गया था, जबकि अब निर्माण की जिम्मेदारी NHAI को सौंपी गई है।

     

    NHAI के तकनीकी निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि पुराने डिजाइन में करीब 70 तीखे मोड़ शामिल थे। इतनी अधिक संख्या में तीखे मोड़ तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों के लिए हादसों का कारण बन सकते थे। ये मोड़ मुख्य रूप से नदी के घुमावों के अनुसार बनाए गए थे, ताकि भूमि अधिग्रहण कम से कम हो।

     

    अब कैसा होगा नया एलिवेटेड रोड?

     

    NHAI ने इन खतरनाक मोड़ों पर आपत्ति जताते हुए सड़क का अलाइनमेंट अधिक सीधा रखने का प्रस्ताव दिया है। जहां मोड़ अनिवार्य होंगे, वहां सड़क की चौड़ाई और डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा कि हाई-स्पीड ट्रैफिक भी सुरक्षित रूप से चल सके। PWD प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार, NHAI अपने राष्ट्रीय मानकों के अनुसार नया डिजाइन तैयार कर रहा है। मोड़ों पर अतिरिक्त चौड़ाई देने से वाहन 50 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी आसानी से चल सकेंगे।

     

    भूमि अधिग्रहण पर पड़ेगा असर

     

    डिजाइन में बदलाव के चलते कुछ स्थानों पर अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ेगी। पहले नदी के घुमावों के साथ सड़क बनाने से कम जमीन में काम चल रहा था, लेकिन अब सड़क को सीधा करने के लिए ज्यादा भूमि लेनी होगी। फिलहाल डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। दोनों कॉरिडोर को मिलाकर कुल लगभग 93 हेक्टेयर भूमि की जरूरत बताई जा रही है

     

    कहां से कहां तक बनेगी एलिवेटेड रोड?

     

    प्रोजेक्ट के तहत बिंदाल नदी पर बनने वाली एलिवेटेड रोड कार्गी चौक के पास से शुरू होगी। यह बिंदाल पुल, विजय कॉलोनी होते हुए मैक्स अस्पताल के पास मसूरी रोड से जुड़ेगी। इसकी लंबाई करीब 14 किलोमीटर होगी। वहीं रिस्पना नदी पर बनने वाली एलिवेटेड रोड रिस्पना पुल से शुरू होकर चुनाभट्टा होते हुए आईटी पार्क के आगे मसूरी रोड से कनेक्ट होगी

     

     

    Loading

    Comments are off for this post.