Last updated: October 17th, 2026 at 02:05 pm

बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर दाउदनगर बाईपास के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 136.76 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस परियोजना से दाउदनगर शहर के व्यस्त इलाकों में लगने वाले जाम को कम करने और पटना से औरंगाबाद के बीच यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी निविदा के अनुसार, बाईपास का निर्माण नौबतपुर-हरिहरगंज मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-139 के निर्धारित हिस्से में किया जाएगा। परियोजना की लंबाई लगभग 8.375 किलोमीटर होगी। इसे चार लेन की सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके साथ पक्के शोल्डर भी बनाए जाएंगे। निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण यानी EPC मॉडल के तहत कराया जाएगा।
सरकारी निविदा के मुताबिक, परियोजना की अनुमानित लागत 136 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक है। टेंडर 13 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। इच्छुक निर्माण कंपनियां 27 नवंबर तक अपनी बोलियां जमा कर सकती हैं, जबकि निविदा खोलने की तारीख 30 नवंबर निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 730 दिनों की अवधि तय की गई है। हालांकि, वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने का समय ठेका आवंटन और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने पर निर्भर करेगा।
दाउदनगर लंबे समय से आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक और आवागमन केंद्र रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले वाहनों के कारण शहर के व्यस्त हिस्सों में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। स्थानीय बाजारों और प्रमुख चौराहों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति बन सकती है। बाईपास तैयार होने के बाद लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहनों को शहर के भीतरी हिस्सों से गुजरने की जरूरत कम पड़ सकती है।
इस परियोजना का लाभ पटना, औरंगाबाद और आसपास के इलाकों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। खासकर मालवाहक ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम हो सकता है। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियों और सड़क सुरक्षा में भी सुधार की संभावना है।
बाईपास परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण और निर्माण की तैयारियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। सड़क निर्माण के लिए निर्धारित मार्ग पर जरूरी जमीन की उपलब्धता, तकनीकी स्वीकृतियां और ठेकेदार का चयन जैसे चरण पूरे करने होंगे। निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन और समयसीमा के भीतर काम पूरा करना भी परियोजना की सफलता के लिए जरूरी होगा।
चार लेन की सड़क बनने से भविष्य में बढ़ते यातायात को संभालने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है। पक्के शोल्डर आपात स्थिति में वाहनों को सड़क के किनारे सुरक्षित रूप से रोकने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सड़क का निर्माण किस गुणवत्ता से होता है और उससे जुड़ी यातायात व्यवस्था कितनी प्रभावी ढंग से विकसित की जाती है।
दाउदनगर बाईपास परियोजना के लिए टेंडर जारी होना निर्माण प्रक्रिया की दिशा में अहम कदम है। अब निविदा प्रक्रिया पूरी होने, ठेका आवंटित होने और निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। परियोजना पूरी होने के बाद दाउदनगर में जाम से राहत मिलने और पटना से औरंगाबाद के बीच सड़क संपर्क अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
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