Last updated: October 15th, 2026 at 03:59 pm

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में रसोई गैस सिलेंडर से गैस रिसाव के बाद आग लगने की घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि करीब 17 लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग पीड़ित परिवार की मदद के लिए दौड़ पड़े। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घर में गैस रिसाव होने के बाद आग भड़क उठी, जिसकी चपेट में परिवार के सदस्यों के साथ आसपास मौजूद लोग भी आ गए।
यह घटना जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के सफियाबाद गांव में हुई बताई गई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, घर में रसोई गैस सिलेंडर या उसके रेगुलेटर से गैस लीक हो रही थी। परिवार को इसका अंदाजा नहीं लग पाया और घर के भीतर गैस जमा होती रही। इसी दौरान जलते दीये या आग के किसी स्रोत के संपर्क में गैस आने से अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही घर के अंदर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोग बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य आग की चपेट में आकर झुलस गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों की हालत को देखते हुए उन्हें विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया। घटना में दो बच्चों की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।
हादसे के बाद पीड़ित परिवार के घर और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने राहत कार्य में सहयोग किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि गैस रिसाव कहां से हुआ, सिलेंडर और रेगुलेटर की स्थिति क्या थी तथा आग किस तरह फैली। दीये से आग लगने की बात शुरुआती रिपोर्टों में सामने आई है, लेकिन घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रसोई गैस का रिसाव बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि बंद कमरे में गैस जमा होने पर आग या विस्फोट का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में गैस की गंध महसूस होने पर बिजली के स्विच चालू या बंद नहीं करने चाहिए। माचिस, लाइटर या किसी अन्य लौ का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यदि सुरक्षित हो, तो गैस की सप्लाई बंद करके दरवाजे और खिड़कियां खोलनी चाहिए तथा सभी लोगों को घर से बाहर निकालना चाहिए। इसके बाद गैस एजेंसी या अग्निशमन सेवा से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस सिलेंडर और रेगुलेटर की नियमित जांच, पाइप की समय-समय पर स्थिति देखना और रसोई में पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था रखना जरूरी है। गैस की गंध आने पर आग जलाकर रिसाव जांचने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। परिवार के सभी सदस्यों को गैस रिसाव की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी होनी चाहिए।
गोपालगंज की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता को फिर सामने लाती है। प्रशासन के लिए घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना और दुर्घटना के कारणों का पता लगाना प्राथमिकता है। वहीं, स्थानीय लोगों से भी अपील की जा रही है कि गैस सिलेंडर या रेगुलेटर में किसी तरह की खराबी दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें। एक छोटी-सी सावधानी बड़े हादसे को रोक सकती है और परिवारों को गंभीर नुकसान से बचा सकती है।
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