Last updated: October 11th, 2026 at 02:55 pm

बिहार के मधेपुरा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटन सामने आई है। यहां 12 वर्षीय बच्चे की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्या के संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इस पिटाई में संदिग्ध की भी मौत हो गई। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना में कुछ ही घंटों के भीतर दो लोगों की जान चली गई। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह घटना मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इटहरी गांव के वार्ड नंबर दो की बताई जा रही है। मृत बच्चे की पहचान सुमित कुमार के रूप में हुई है। वह सुनील ठाकुर का बेटा था और उसकी उम्र महज 12 साल थी। परिवार के मुताबिक, शनिवार को सुमित घर से बाहर निकला था। वह गांव के अन्य बच्चों के साथ पुल के पास खेल रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति की पहचान अनिल यादव के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 45 वर्ष बताई गई है। वह पड़ोसी बराही गांव का निवासी था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले के दौरान सुमित के हाथ पर चोट लगी और इसके बाद उसके गले पर वार किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
बच्चे पर हमले की खबर फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। आरोप है कि घटना के बाद संदिग्ध व्यक्ति वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। कुछ ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। बताया गया कि बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ लोगों पर भी संदिग्ध ने धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की। बाद में ग्रामीणों की पिटाई से अनिल यादव की भी मौत हो गई।
इस तरह एक ही घटना में एक मासूम बच्चे और उसकी हत्या के संदिग्ध व्यक्ति की मौत हो गई। दोनों परिवारों के लिए यह घटना बेहद दुखद है। जहां सुमित के परिवार ने अपने बच्चे को खो दिया, वहीं संदिग्ध की मौत के बाद मामला और जटिल हो गया है। पुलिस अब न केवल बच्चे की हत्या की परिस्थितियों की जांच कर रही है, बल्कि उन लोगों की पहचान भी कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर कानून अपने हाथ में लेकर संदिग्ध की पिटाई की।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मधेपुरा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेजा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने घैलाढ़-सिंहेश्वर मुख्य सड़क पर कुछ समय के लिए जाम भी लगा दिया। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटाया गया। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने गांव में निगरानी बढ़ाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में फिलहाल स्थिति सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध की पिटाई में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह जांच भी महत्वपूर्ण है कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं, संदिग्ध पर हमला करने के पीछे लोगों की क्या भूमिका रही और भीड़ किस तरह एकत्र हुई।
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और भीड़ द्वारा न्याय करने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी अपराध का आरोप लगने पर भी किसी व्यक्ति को पीटकर मार डालना कानूनन उचित नहीं है। अपराध की जांच करना, दोष तय करना और सजा देना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि किसी व्यक्ति पर हत्या का आरोप हो, तो उसे पुलिस के हवाले करना और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पुलिस बच्चे की हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने और संदिग्ध की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस घटना में दो मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अब प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच के साथ-साथ शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि कानून के अनुसार ही कार्रवाई हो।
![]()
Comments are off for this post.