Last updated: July 15th, 2026 at 01:50 pm

बिहार सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में राज्य के खनन, आधारभूत ढांचे, परिवहन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सबसे प्रमुख निर्णय ‘बिहार खनिज नियमावली-2026’ को मंजूरी देना रहा। सरकार का कहना है कि नई नियमावली के लागू होने से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध खनन पर नियंत्रण मजबूत होगा और राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।
कैबिनेट बैठक में खनिज नियमावली के अलावा कई विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। सरकार ने खगड़िया, समस्तीपुर और सीतामढ़ी समेत विभिन्न जिलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और स्थानीय विकास कार्यों को गति देना है, जिससे आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बैठक में मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1994 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से कर व्यवस्था अधिक प्रभावी और सरल बनेगी। इसके साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने तथा विभागों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक आसानी से मिलेगा।
कैबिनेट ने जेलों में बंद किसी कैदी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की नीति को भी स्वीकृति दी। सरकार के अनुसार इस निर्णय का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में राहत प्रदान करना है। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई, ताकि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि सरकार राज्य में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान दे रही है। नई योजनाओं के माध्यम से सड़क, परिवहन, खनन और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
आर्थिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि खनन क्षेत्र में नई नियमावली लागू होने से अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे खनिज संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि कैबिनेट द्वारा स्वीकृत विकास परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन होता है, तो इससे कई जिलों में बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
बैठक के अंत में सरकार ने संबंधित विभागों को सभी स्वीकृत योजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से बिहार में विकास कार्यों को और गति मिलेगी तथा प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
![]()
Comments are off for this post.