Last updated: July 18th, 2026 at 03:24 pm

बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन तंत्र ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय में शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों और सभी जिलों के चुनाव अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के अद्यतन, मतदान केंद्रों की तैयारियों, मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण, ईवीएम-वीवीपैट की उपलब्धता और आदर्श आचार संहिता से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनाव आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और त्रुटियों में सुधार का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
समीक्षा बैठक में मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, रैंप और दिव्यांग मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के रखरखाव और प्रथम स्तर की जांच (First Level Checking) की प्रगति की भी समीक्षा की। सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि मशीनों की नियमित जांच की जाए और चुनाव से पहले मॉक पोल सहित सभी तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जाएं। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में चुनाव ड्यूटी में तैनात होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया कि मतदान दलों को चुनाव आयोग के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही चुनाव संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नियंत्रण कक्षों को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली भ्रामक या फर्जी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए और मतदाताओं को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने के लिए जागरूक किया जाए। इसके अलावा मतदाता जागरूकता अभियान (SVEEP) को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में भाग लें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तैयारियां निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर मतदाता सूची का अद्यतन, बेहतर प्रशिक्षण, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक तकनीक का उपयोग चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद करेगा।
राज्य निर्वाचन तंत्र ने सभी जिलों को चुनाव संबंधी तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएंगी ताकि मतदाता स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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