Last updated: October 7th, 2026 at 03:22 pm

बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर होने वाला चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मौजूदा MLC नीरज कुमार को दोबारा उम्मीदवार बनाया है, लेकिन उनके सामने जन सुराज के डॉ. अनुज कुमार सिंह मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं। अनुज सिंह को मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह का खुला समर्थन मिलने के बाद मुकाबला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
बिहार विधान परिषद की कुल आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। नामांकन की प्रक्रिया 6 अक्टूबर को पूरी हो चुकी है और अब उम्मीदवारों के बीच चुनाव प्रचार तेज हो गया है। इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है। कुल आठ सीटों पर 164 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जिनमें चार स्नातक सीटों पर 98 उम्मीदवार मैदान में हैं।
पटना स्नातक सीट पर सबसे ज्यादा चर्चा JDU के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज कुमार सिंह के बीच मुकाबले को लेकर है। नीरज कुमार पहले से इस सीट के MLC हैं और JDU ने उन्हें दोबारा मैदान में उतारा है। पार्टी के लिए यह सीट महत्वपूर्ण है, क्योंकि नीरज कुमार को जीत दिलाकर JDU अपने संगठन और राजनीतिक पकड़ का संदेश देना चाहती है। नीरज कुमार ने नामांकन के दौरान जीत का भरोसा जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं की तैयारी पर विश्वास जताया।
हालांकि इस चुनाव में नीरज कुमार के लिए सबसे बड़ी चुनौती विपक्षी उम्मीदवार से ज्यादा पार्टी के अंदर से सामने आई है। JDU विधायक अनंत सिंह ने खुले तौर पर नीरज कुमार का विरोध किया और जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद बताए जाते रहे हैं। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव में पूरी ताकत लगाने की बात कही थी।
अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में उतरने से पटना स्नातक सीट का मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों की लड़ाई नहीं रह गया है। इसमें JDU की अंदरूनी एकजुटता, जन सुराज की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह की मौजूदगी और समर्थकों की बड़ी भीड़ ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।
JDU नेतृत्व ने भी इस विवाद को शांत करने की कोशिश की है। केंद्रीय मंत्री और JDU नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने बताया कि अनंत सिंह अब नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देने पर सहमत हुए हैं। हालांकि राजनीतिक समर्थन के सवाल पर विवाद पूरी तरह खत्म हुआ है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।
दूसरी तरफ नीरज कुमार के समर्थन में JDU ने अपना अभियान तेज कर दिया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी नीरज कुमार के लिए प्रचार अभियान में सक्रिय दिखाई दिए हैं। इससे JDU यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पार्टी के अंदर उम्मीदवार को पूरा समर्थन प्राप्त है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठकों के जरिए स्नातक मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति भी बनाई जा रही है।
पटना स्नातक सीट पर जन सुराज की सक्रियता भी इस चुनाव को खास बना रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी ने अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है और अनंत सिंह के समर्थन से उसे स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त राजनीतिक ताकत मिलने की उम्मीद है। इस वजह से चुनाव में पारंपरिक NDA बनाम विपक्ष की सीधी लड़ाई के बजाय अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं।
इस चुनाव में सामान्य विधानसभा चुनाव जैसी पूरी आबादी मतदान नहीं करती। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्र स्नातक मतदाता ही वोट डालते हैं। इसलिए उम्मीदवारों के लिए शिक्षित मतदाताओं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय संगठनों तक पहुंच बनाना बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान के दौरान उम्मीदवार रोजगार, शिक्षा, युवाओं और स्थानीय समस्याओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता दे सकते हैं।
23 अक्टूबर को होने वाला मतदान पटना स्नातक सीट पर JDU के नीरज कुमार के लिए अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करने की परीक्षा होगा। वहीं अनुज सिंह और जन सुराज के लिए यह चुनाव बिहार की राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का महत्वपूर्ण मौका है। अनंत सिंह के रुख और JDU की संगठनात्मक ताकत के बीच यह मुकाबला बिहार MLC चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में बना हुआ है।
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