Last updated: September 21st, 2026 at 03:40 pm

बिहार के भागलपुर जिले में करमा-धरमा पर्व के दौरान सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में एक तालाब में नहाने गए छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र करीब 12 से 14 वर्ष के बीच बताई गई है। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया।
यह घटना सुल्तानगंज क्षेत्र के तरैटा बहियार और विष्णु टोला के आसपास हुई। पुलिस के अनुसार, बच्चे करमा-धरमा पर्व के अवसर पर तालाब में स्नान करने के लिए गए थे। शुरुआत में बच्चे अपेक्षाकृत कम गहरे पानी में थे, लेकिन बाद में वे पानी के गहरे हिस्से में चले गए। इसी दौरान एक बच्चा डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में दूसरे बच्चे भी गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते छह बच्चे डूब गए।
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान पूजा कुमारी, राहुल कुमार, विकास कुमार, आयुष कुमार, मीनाक्षी कुमारी उर्फ मिंकी और ज्योति कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार पूजा की उम्र करीब 13 वर्ष, राहुल की 14 वर्ष, विकास की 13 वर्ष, आयुष की 12 वर्ष, मीनाक्षी की 12 वर्ष और ज्योति की 14 वर्ष थी। पांच बच्चे विष्णु टोला के रहने वाले थे, जबकि ज्योति कुमारी सबौर क्षेत्र की रहने वाली थी और पर्व के लिए अपने रिश्तेदारों के यहां आई हुई थी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बच्चों के डूबने की जानकारी मिलने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें पानी से बाहर निकालने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद सभी बच्चों को तालाब से निकाला गया और सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद सभी छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ छह बच्चों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में मातम छा गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद सुल्तानगंज के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और हादसे से जुड़े तथ्यों को दर्ज किया जा रहा है।
करमा-धरमा पर्व के दौरान बच्चों के तालाब में स्नान करने की परंपरा के बीच यह हादसा हुआ। स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद जलाशय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग जलस्रोतों के आसपास पहुंचते हैं, ऐसे में गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत रहती है। हालांकि हादसे के कारणों और किसी प्रशासनिक लापरवाही की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
प्रशासन की ओर से मृत बच्चों के परिवारों को नियमानुसार सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। अधिकारियों ने परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आवश्यक प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
हादसे ने पूरे सुल्तानगंज क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिन परिवारों में करमा-धरमा पर्व की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।
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