Last updated: September 16th, 2026 at 02:35 pm

दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए होटल अग्निकांड के मामले में जेल में बंद होटल मालिक की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
यह मामला 3 जून को हौज रानी स्थित पांच मंजिला ‘Flourish Stay’ B&B में लगी भीषण आग से जुड़ा है। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 24 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने होटल के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं की जांच शुरू की थी।
जेल में बंद होटल मालिक लवकेश बजाज ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की है। याचिका में दावा किया गया कि वह आंतों में रुकावट जैसी समस्या से जूझ रहे हैं और उनकी स्थिति गंभीर है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि वह 24 अगस्त से RML अस्पताल में भर्ती हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अब अस्पताल प्रशासन से उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति, इलाज और मेडिकल जरूरतों से जुड़ी व्यापक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत इस रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत से जुड़े मामले पर आगे विचार करेगी। फिलहाल कोर्ट ने जमानत देने या खारिज करने का अंतिम फैसला नहीं किया है।
इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने 3 सितंबर को बजाज की चार सप्ताह की अंतरिम जमानत की मांग को खारिज कर दिया था। उस समय अदालत ने माना था कि आरोपी को हिरासत में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल रही है और जिस मेडिकल समस्या का हवाला दिया गया था, उसका RML अस्पताल में सर्जरी के जरिए इलाज किया जा चुका है।
पुलिस ने इस मामले में होटल मालिक के अलावा मैनेजर-कम-अकाउंटेंट जय मिश्रा और कुक केशव नेगी को भी आरोपी बनाया है। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, 26 कमरों वाला यह B&B कथित तौर पर निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहा था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि होटल लाइसेंस के लिए किया गया आवेदन भी खारिज हो चुका था, क्योंकि इमारत में केवल एक प्रवेश-निकास मार्ग था और अलग फायर एग्जिट नहीं था।
होटल में आग लगने के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और B&B नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होना है। मामले में अदालत के सामने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट का ध्यान आरोपी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और अंतरिम जमानत की मांग से जुड़े मेडिकल पहलू पर है। RML अस्पताल की रिपोर्ट अदालत के सामने आने के बाद इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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