Last updated: November 8th, 2026 at 01:43 pm

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने कथित पाकिस्तानी साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज और कई ATM कार्ड बरामद किए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद इलाके में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर साइबर ठगी से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क के लिए काम करने का आरोप है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन बैंक खातों और ATM कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध के जरिए प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क की वास्तविक कार्यप्रणाली और आरोपियों की भूमिका का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बरामद बैंक दस्तावेजों और ATM कार्ड की जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन खातों में कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ है और क्या इनका इस्तेमाल देश के अन्य हिस्सों में हुई साइबर ठगी की घटनाओं में भी किया गया है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।
साइबर अपराध के मामलों में अक्सर ठग दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे खातों को आमतौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाता है, जिससे वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में आरोपियों को कमीशन या पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते और ATM कार्ड हासिल किए जाते हैं।
मोतिहारी में हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा सकता है। यदि जांच में अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने आम लोगों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी बना दिया है। अनजान लोगों को बैंक खाता, ATM कार्ड, PIN, OTP या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी देना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। किसी भी व्यक्ति को कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता दूसरों के इस्तेमाल के लिए नहीं देना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने या आगे भेजने में होता है, तो वह भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए बैंकिंग से जुड़ी जानकारी और दस्तावेजों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
मोतिहारी पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद दस्तावेजों की जांच के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित पाकिस्तानी साइबर ठगी नेटवर्क का बिहार में कितना बड़ा नेटवर्क सक्रिय था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका शामिल है।
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