Last updated: October 9th, 2026 at 03:17 pm

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने की व्यवस्था जारी रखने, अग्निवीरों को चार सरकारी विभागों में भर्ती के दौरान आरक्षण देने और प्रदेश में 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना शामिल है। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य आम लोगों को राहत देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी सरकार की ओर से दी गई। इन फैसलों में महिलाओं, गरीब परिवारों, युवाओं, किसानों और शहरी परिवहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार ने त्योहारों के दौरान रसोई गैस की उपलब्धता से लेकर सरकारी नौकरियों में पूर्व अग्निवीरों को अवसर देने तक कई मुद्दों पर निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त गैस सिलेंडर रिफिल देने की व्यवस्था जारी रखने का फैसला किया गया है। इसके तहत एक सिलेंडर होली और दूसरा दिवाली पर दिया जाएगा। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 2,142 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इसका लाभ पात्र उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को निर्धारित नियमों के अनुसार मिलेगा। इस योजना से गरीब परिवारों को त्योहारों के समय घरेलू खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों के लिए रसोई गैस का खर्च घरेलू बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में मुफ्त सिलेंडर की व्यवस्था से परिवारों को त्योहार के समय अतिरिक्त आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, लाभार्थियों को योजना की पात्रता और बैंक खाते से जुड़ी आवश्यक शर्तों का ध्यान रखना होगा।
कैबिनेट का दूसरा महत्वपूर्ण फैसला अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में अवसर देने से संबंधित है। सरकार ने चार विभागों में सिपाही स्तर की भर्ती के दौरान अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही उन्हें निर्धारित भर्ती प्रक्रिया में तीन साल की आयु छूट देने का फैसला भी किया गया है। इसके तहत पात्र उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 28 वर्ष किए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
सरकार के अनुसार, अग्निवीर पहले ही अपनी सेवा में प्रवेश के समय लिखित और शारीरिक परीक्षाएं पास कर चुके होते हैं। इसलिए संबंधित भर्ती में उन्हें इन परीक्षाओं से छूट देकर मेडिकल जांच की प्रक्रिया लागू करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इस फैसले से सेवा पूरी करने के बाद उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे अग्निवीरों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, संबंधित विभागों की भर्ती अधिसूचना और लागू नियमों के अनुसार ही इसका लाभ मिलेगा।
परिवहन क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना, यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध कराना और प्रदूषण कम करने की दिशा में काम करना है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। सरकार ने इस फैसले को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके योगदान से जोड़कर बताया है। एयरपोर्ट का नया नामकरण लागू करने के लिए संबंधित औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़े फैसले भी लिए गए। धान खरीद की तारीखों को मंजूरी देने के साथ मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने का निर्णय किया गया। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया और निर्धारित मूल्य को लेकर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। कृषि उपज की खरीद व्यवस्था समय पर शुरू होना किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे उन्हें फसल बेचने और अगली खेती की तैयारी करने में मदद मिलती है।
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