Last updated: October 2nd, 2026 at 01:38 pm

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए प्रमोशन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में लगभग 10 वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए अब प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वरिष्ठता सूची तैयार होने के बाद प्रमोशन की प्रक्रिया नवंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है।
बताया गया है कि वर्ष 2016 के बाद परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित पदोन्नति नहीं हो सकी थी। इस वजह से बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब करीब 3.30 लाख परिषदीय शिक्षकों में से लगभग 70 हजार शिक्षकों को पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत सहायक शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के पद पर पदोन्नति दिए जाने की व्यवस्था है। इसी तरह उच्च प्राथमिक स्तर के सहायक शिक्षकों और प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक जैसे पदों पर पदोन्नति मिल सकती है। अंतिम पद और पात्रता संबंधित नियमों तथा वरिष्ठता के आधार पर तय होगी।
प्रमोशन प्रक्रिया में वरिष्ठता सूची की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करेंगे। इसके बाद शिक्षकों को सूची पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर आगे की पदोन्नति प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।
शिक्षा विभाग की ओर से जिलों को वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए समयसीमा भी दी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक जिलों को लगभग तीन सप्ताह के भीतर सूची तैयार करनी है और 23 अक्टूबर तक इसे बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय में भेजने की तैयारी है। इसके बाद नवंबर से प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने की भी तैयारी है। वरिष्ठता सूची तैयार होने के बाद शिक्षकों को अपनी जानकारी और वरिष्ठता से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर ऑनलाइन माध्यम से मिल सकता है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया में रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना और जिलों में तैयार होने वाली सूचियों में पारदर्शिता बनाए रखना है।
प्रमोशन होने के बाद संबंधित शिक्षकों के पद और जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। इसके साथ वेतन और सेवा संबंधी लाभों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि किसी शिक्षक को मिलने वाला वास्तविक लाभ उसके पद, सेवा अवधि, वरिष्ठता और लागू नियमों के आधार पर तय होगा। इसलिए अंतिम सूची और विभागीय आदेश आने के बाद ही प्रत्येक शिक्षक की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह प्रक्रिया ऐसे समय आगे बढ़ रही है जब उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है। 12,405 प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी भी सामने आई है और उम्मीदवारों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर बताई गई है। इससे राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग में पदोन्नति और नई भर्ती दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चर्चा में हैं।
करीब एक दशक से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चरण वरिष्ठता सूची का होगा। सूची तैयार होने के बाद आपत्तियों का निस्तारण और अंतिम सूची जारी होने पर यह स्पष्ट होगा कि किन शिक्षकों को किस पद पर पदोन्नति दी जाएगी।
विभागीय स्तर पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। वरिष्ठता सूची अक्टूबर में तैयार होने और नवंबर से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने की योजना बताई गई है। अंतिम प्रमोशन सूची और नियुक्ति संबंधी आदेश जारी होने के बाद ही पूरी प्रक्रिया का अंतिम स्वरूप स्पष्ट होगा।
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