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यूपी में 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, अब मिलेंगे ₹9 हजार; सेवा सुरक्षा समेत कई फैसले

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला
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उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब पंचायत सहायकों को हर महीने 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये मानदेय मिलेगा। इस फैसले की घोषणा पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बातचीत के बाद की। मानदेय बढ़ाने के साथ पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा और दूसरी सुविधाओं को लेकर भी कई फैसले किए गए हैं।

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    पंचायत सहायकों को अभी तक 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। नई व्यवस्था में इसमें सीधे 3,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकार के अनुसार, बढ़ा हुआ मानदेय सीधे बैंक खातों में भेजने के लिए डीबीटी व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके लिए कैबिनेट से आवश्यक स्वीकृति लेने की प्रक्रिया की जाएगी।

     

    मानदेय के अलावा पंचायत सहायकों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर पर किसी पंचायत सहायक को सेवा से नहीं हटा सकेंगे। किसी सहायक को हटाने के मामले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति जांच करेगी और उसी प्रक्रिया के तहत फैसला लिया जाएगा। इससे पंचायत सहायकों को सेवा से जुड़े मामलों में पहले की तुलना में अलग व्यवस्था मिलने की बात कही गई है।

     

    सरकार ने आंदोलन के दौरान पंचायत सहायकों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी घोषणा की है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान कार्रवाई के चलते जिन पंचायत सहायकों को सेवा से हटा दिया गया था, उन्हें दोबारा बहाल करने की बात कही गई है। ये फैसले उन कर्मचारियों की मांगों से जुड़े हैं जो पिछले कुछ समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

     

    महिला पंचायत सहायकों के लिए भी नई सुविधा की घोषणा की गई है। सरकार ने उन्हें नियमानुसार मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया है। इसके साथ ही पंचायत सहायकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा देने की बात भी कही गई है। इस तरह मानदेय बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य और सेवा से जुड़े मुद्दों को भी फैसले में शामिल किया गया है।

     

    पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर लखनऊ में धरना चल रहा था। सरकार के साथ बातचीत के बाद इन फैसलों की घोषणा की गई। फैसलों के सामने आने के बाद प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। सरकार की ओर से बताया गया कि मानदेय बढ़ाने और अन्य मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लेने का निर्णय हुआ।

     

    पंचायत सहायक ग्राम पंचायत स्तर पर कई प्रशासनिक और डिजिटल कार्यों में सहयोग करते हैं। ग्राम सचिवालय से जुड़ी सेवाओं, विभिन्न ऑनलाइन प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं से संबंधित काम में उनकी भूमिका रहती है। ऐसे में मानदेय और सेवा सुरक्षा से जुड़े फैसले राज्य की बड़ी संख्या में पंचायत स्तर पर काम करने वाली इस श्रेणी के कर्मचारियों को प्रभावित करेंगे।

     

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत सहायकों को मिलने वाला बढ़ा हुआ मानदेय किस तारीख से प्रभावी होगा और डीबीटी की प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सरकार की आगे की अधिसूचना और संबंधित विभागीय आदेशों से स्पष्ट होगी। फिलहाल सरकार ने 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय करने के साथ सेवा सुरक्षा, मातृत्व अवकाश, कैशलेस उपचार, मुकदमे वापस लेने और आंदोलन के दौरान हटाए गए सहायकों की बहाली जैसे फैसलों की घोषणा की है।

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