Human Live Media

HomeNewsयूपी ATS की बड़ी कार्रवाई, शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की तलाश में कई जिलों में छापेमारी

यूपी ATS की बड़ी कार्रवाई, शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की तलाश में कई जिलों में छापेमारी

उत्तर प्रदेश में सीमा पार से जुड़े संदिग्ध आतंकी और आपराधिक नेटवर्क की जांच के दौरान यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड
up-ats-raid-shahzad-bhatti-network

उत्तर प्रदेश में सीमा पार से जुड़े संदिग्ध आतंकी और आपराधिक नेटवर्क की जांच के दौरान यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी ATS ने 3 अक्टूबर को कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। यह अभियान पाकिस्तान में मौजूद शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत चलाया गया। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, ATS की टीमें लखनऊ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में संदिग्धों के ठिकानों पर पहुंचीं। कुछ रिपोर्टों में कार्रवाई का दायरा 10 जिलों, जबकि अन्य में 15 जिलों तक बताया गया है।

Table of Contents

     

    ATS की कार्रवाई में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर भी अंतर है। कुछ रिपोर्टों में करीब आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह संख्या 10 से 15 तक बताई गई है। इन लोगों की वास्तविक भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

     

    जांच एजेंसी का फोकस उन लोगों की पहचान और भूमिका की पड़ताल पर है, जिनके संपर्क पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों या संदिग्ध नेटवर्क से होने की जानकारी सामने आई है। ATS सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल भी जांच का हिस्सा बताई गई है।

     

    रिपोर्टों के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली, जिनके संभावित संपर्कों की अब जांच की जा रही है। ATS यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनमें से किन लोगों का नेटवर्क से वास्तविक संबंध था और उनकी भूमिका क्या रही। केवल किसी व्यक्ति का किसी संदिग्ध से संपर्क में होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता, इसलिए प्रत्येक मामले में जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भूमिका तय की जाएगी।

     

    इस अभियान का दायरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों तक भी बताया गया है। लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत कई स्थानों पर ATS टीमों की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। सीमा से जुड़े इलाकों में भी संदिग्ध संपर्कों और गतिविधियों की जांच की जा रही है।

     

    जांच के दौरान डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच की जा रही है। इन उपकरणों से मिले डेटा के आधार पर संदिग्धों के बीच संपर्क, बातचीत और गतिविधियों की कड़ियों को समझने का प्रयास किया जा सकता है।

     

    ATS की यह कार्रवाई पहले की जांच से मिले इनपुट के बाद आगे बढ़ाई गई है। एजेंसी पिछले कुछ महीनों में इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से सामने आए संपर्कों के आधार पर अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

     

    इस पूरे मामले में सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि संदिग्ध नेटवर्क का स्थानीय स्तर पर किन लोगों से संपर्क था और क्या किसी व्यक्ति ने जानबूझकर नेटवर्क को सहायता या संसाधन उपलब्ध कराए। इसके लिए सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल और चैट रिकॉर्ड तथा वित्तीय लेनदेन जैसे विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों को मिलाकर जांच की जा रही है।

     

    ATS की कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि, अभी तक हिरासत में लिए गए सभी लोगों को किसी अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता। किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

     

    यूपी ATS का अभियान जारी है और एजेंसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े संपर्कों तथा गतिविधियों की जांच कर रही है। कई जिलों में हुई कार्रवाई के दौरान सामने आए डिजिटल और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    Loading

    Comments are off for this post.