Last updated: June 26th, 2026 at 05:24 pm

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में मानसून की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली नगर निगम (MCD), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों, नालों की सफाई और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रेखा गुप्ता ने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें पूरी तरह तैयार रहें। मुख्यमंत्री ने फील्ड निरीक्षण बढ़ाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान राजधानी में जल निकासी व्यवस्था, पंपिंग स्टेशनों की स्थिति, नालों की सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए और बारिश के दौरान आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।
दिल्ली सरकार का कहना है कि मानसून से पहले सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इस वर्ष जलभराव की समस्या को कम करने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
दूसरी ओर विपक्षी दलों ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान राजधानी के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आती है। विपक्ष का कहना है कि स्थायी समाधान पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली जैसे महानगर में मानसून की तैयारियां केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होती हैं। बारिश के दौरान नागरिक सुविधाओं की स्थिति सरकार के प्रदर्शन का प्रमुख पैमाना मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और समय पर कार्रवाई से मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए सरकार ने इस बार पहले से ही समीक्षा बैठकों और फील्ड मॉनिटरिंग पर जोर दिया है।
फिलहाल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की समीक्षा बैठक के बाद सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति के अनुसार प्रशासनिक तैयारियों की लगातार निगरानी की जाएगी।
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