Last updated: July 15th, 2026 at 01:29 pm

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास कार्यों को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। बुधवार को जारी अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में युवाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल दावों के बजाय जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाले विकास पर ध्यान देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय देना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बेरोजगारी के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई भर्ती प्रक्रियाएं लंबित हैं और युवाओं को समय पर रोजगार नहीं मिल पा रहा है। अखिलेश यादव ने सरकार से रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी करने और निजी निवेश के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
विकास कार्यों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि कई परियोजनाओं की घोषणा तो की गई है, लेकिन उनका लाभ अभी तक आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में और अधिक निवेश की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने किसानों के लिए बेहतर समर्थन मूल्य, समय पर भुगतान और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
समाजवादी पार्टी ने दावा किया कि वह आने वाले समय में प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता के बीच इन मुद्दों को उठाएगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है ताकि लोगों की समस्याओं को सीधे सुना जा सके और उन्हें राजनीतिक मंच पर उठाया जा सके।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट और अन्य विकास परियोजनाओं के माध्यम से राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक आरोप लगा रहा है, जबकि विकास कार्य जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। एक ओर विपक्ष सरकार को कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर घेर रहा है, वहीं सत्तापक्ष अपनी विकास योजनाओं और निवेश परियोजनाओं को प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में ये मुद्दे प्रदेश की राजनीति के केंद्र में बने रह सकते हैं।
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