Last updated: June 29th, 2026 at 03:16 am

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के लिए 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने की निर्धारित समय-सीमा आज समाप्त हो रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार अब किस स्थान पर रहेगा, क्योंकि सरकार की ओर से आवंटित नया सरकारी आवास अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है।
रविवार शाम से ही 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले से सामान हटाने का काम शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों सहित कई सरकारी और निजी सामान को वहां से हटाया जा चुका है। परिवार का अधिकांश सामान फिलहाल कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में सुरक्षित रखा जा रहा है।
भवन निर्माण विभाग ने इससे पहले कई बार नोटिस जारी करने के बाद 22 जून को अंतिम नोटिस भेजा था, जिसमें सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यह आवास पहले ही मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें इसका कब्जा नहीं मिल सका है।
परिवार के सामने फिलहाल तीन संभावित विकल्प बताए जा रहे हैं। पहला, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास, जहां अस्थायी रूप से रहने की संभावना जताई जा रही है। दूसरा, सरकार द्वारा आवंटित 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी बंगला, जिसका निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। तीसरा, परिवार के निजी आवास, जिनका निर्माण कौटिल्य नगर और महुआ बाग में जारी है।
39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास में अभी भी कई महत्वपूर्ण कार्य बाकी हैं। पेंटिंग, फर्नीचर, एयर कंडीशनर की स्थापना, परिसर की सफाई और इंटीरियर फिनिशिंग जैसे काम पूरे नहीं हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस आवास को पूरी तरह रहने योग्य बनने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है।
वहीं, कौटिल्य नगर स्थित निजी मकान में भी इंटीरियर, इलेक्ट्रिकल फिटिंग और फर्निशिंग का कार्य जारी है, जिसके पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन लग सकते हैं। महुआ बाग स्थित दूसरे निजी आवास का निर्माण भी अभी अधूरा है और उसे तैयार होने में कुछ महीने और लगने की संभावना है।
इस बीच राबड़ी देवी के कार्यालय की ओर से भवन निर्माण विभाग को पत्र भेजकर सरकारी आवास में उपलब्ध कराए गए सामानों की सूची और चार्ज रजिस्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसका उद्देश्य आवास खाली करते समय सरकारी संपत्ति का सही मिलान सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद उत्पन्न न हो। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद लालू परिवार किस आवास में शिफ्ट होता है और भवन निर्माण विभाग आगे क्या कदम उठाता है।
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