Last updated: June 30th, 2026 at 07:01 am

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले उन्हें उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया, जिसके कारण वे अपने कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके।
मुकेश सहनी ने कहा कि उनके कार्यक्रम शाहजहांपुर और सहारनपुर में आयोजित होने थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उनके आवास के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी राजनीतिक नेता को जनता के बीच जाने से क्यों रोका जा रहा है।
सरकार पर निशाना साधते हुए सहनी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में प्रवेश के लिए इस तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं, तो क्या अब वहां जाने के लिए वीज़ा की जरूरत होगी। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
वीआईपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि निषाद, मल्लाह, बिंद और कश्यप समाज के अधिकारों तथा आरक्षण की मांग को दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के दायरे में रहकर अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रही है और समाज के अधिकारों की आवाज उठाती रहेगी।
मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि चाहे उन्हें नजरबंद किया जाए या अन्य किसी तरह का दबाव बनाया जाए, वे अपने समाज के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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