Last updated: July 1st, 2026 at 12:36 pm

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, परिवहन, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा लाभ राज्य के लोगों को मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने बक्सर स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को स्वीकृति दी है। मंदिर परिसर की भूमि को सुरक्षित रखने के लिए चहारदीवारी का निर्माण किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से राज्य के 31 बस स्टैंडों के पुनर्विकास को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत लागू होगी। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, मुंगेर, सहरसा, किशनगंज, नवादा और मधुबनी सहित कई जिलों के बस स्टैंडों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इनमें डिजिटल सेवाएं, आधुनिक प्रतीक्षालय, पार्किंग, स्वच्छता और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1000 वर्ष की अटूट आस्था’ के तहत 20 जुलाई 2026 से बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा के आयोजन को भी मंजूरी दी गई। सरकार इस यात्रा के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा निर्णय लेते हुए बिहार सरकार ने राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए आवश्यक सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ये विद्यालय पूर्णिया पूर्व, राजगीर (नालंदा), शेखपुरा, मधेपुरा और मधुबनी में स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन नए केंद्रीय विद्यालयों से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
![]()
Comments are off for this post.