Last updated: July 2nd, 2026 at 07:42 am

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि मामले में नामजद पुलिस अधिकारी को नई जिम्मेदारी दिए जाने से निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे समय में संबंधित अधिकारी को नई जिम्मेदारी सौंपना न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम माना जा सकता है।
उन्होंने अपने बयान में कथित एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
रोहिणी आचार्य ने मृतक भरत तिवारी के मोबाइल फोन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि घटना के बाद से मोबाइल फोन की स्थिति को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी क्यों सामने नहीं आई। उनके अनुसार, इस पहलू पर भी जांच एजेंसियों को पारदर्शिता के साथ जानकारी देनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से कई सवाल पूछते हुए कहा कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है और जांच की प्रगति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि जांच में देरी से कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार जारी है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर बनी हुई है।
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