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इंडोनेशिया दौरे पर पीएम मोदी, डिजिटल पेमेंट से रक्षा सहयोग तक कई अहम समझौतों पर रहेगी नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा भारत और इंडोनेशिया के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाली मानी
PM-Modi-in-Rajasthan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा भारत और इंडोनेशिया के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था, रक्षा सहयोग, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

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    यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण भारत के यूपीआई (UPI) और इंडोनेशिया की क्यूआरआईएस (QRIS) डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने की पहल होगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद इंडोनेशिया जाने वाले भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों के लिए भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और किफायती हो जाएगी।

    प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांटो के बीच प्रस्तावित शिखर वार्ता में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। भारत के ओएनडीसी (ONDC) मॉडल से प्रेरित इंडोनेशिया के ओपन नेटवर्क (ION) का पहला लाइव डिजिटल ट्रांजेक्शन भी इसी दौरान किए जाने की तैयारी है। इससे लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को डिजिटल बाजार से जुड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    सूत्रों के अनुसार, आधार, डिजिलॉकर, ई-केवाईसी और यूपीआई जैसी भारत की डिजिटल पहल से प्रेरित होकर इंडोनेशिया अपनी डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रहा है। दोनों देश अब केवल तकनीकी अनुभव साझा करने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि संस्थागत स्तर पर दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना है। भारत की पीएम पोषण योजना और जन औषधि मॉडल जैसे कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा प्रस्तावित है, ताकि इंडोनेशिया अपने सार्वजनिक कल्याण कार्यक्रमों को और प्रभावी बना सके।

    रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों की साझेदारी अहम रहने वाली है। रक्षा उत्पादन, तकनीक हस्तांतरण, सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सहयोग जैसे विषय शिखर वार्ता के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आधुनिक रक्षा तकनीकों को लेकर भी सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे।

    इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी उद्योग के लिए जरूरी निकल समेत अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और प्रसंस्करण को लेकर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया संबंधों को आर्थिक, तकनीकी और सामरिक स्तर पर नई गति दे सकती है।

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