Last updated: July 6th, 2026 at 09:39 am

भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव के लिए समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि 6 जुलाई का दिन राष्ट्रवाद और निस्वार्थ जनसेवा के मूल्यों में विश्वास रखने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का सबसे बड़ा लक्ष्य भारत की एकता को मजबूत करना था और इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अनुच्छेद 370 को हटाना उनके विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा और औद्योगिक विकास में दिए गए योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित शिक्षाविद सर आशुतोष मुखर्जी के पुत्र होने के बावजूद उन्होंने सुविधाजनक जीवन छोड़कर राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने युवाओं से भी डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका संदेश था कि जिस भी कार्य को हाथ में लें, उसे पूरी निष्ठा, गंभीरता और समर्पण के साथ पूरा करें।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रखर प्रतीक बताते हुए कहा कि देश उनके योगदान को सदैव याद रखेगा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई भूमिका को याद किया गया।
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