Last updated: July 6th, 2026 at 12:59 pm

भारत सरकार ने देश के पर्यटन क्षेत्र को डिजिटल स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और Google India के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत के पर्यटन स्थलों की डिजिटल दृश्यता (Digital Visibility) बढ़ाना, घरेलू और विदेशी पर्यटकों को बेहतर जानकारी उपलब्ध कराना तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देना है।
सरकार के अनुसार, इस पहल के तहत Google की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध लेकिन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने, स्थानीय आकर्षणों, सांस्कृतिक विरासत और सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
पर्यटन मंत्रालय का कहना है कि भारत में पर्यटन क्षेत्र रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ अब अधिकतर यात्री यात्रा से पहले ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करते हैं। ऐसे में Google के साथ यह साझेदारी भारतीय पर्यटन उद्योग को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद कर सकती है।
इस पहल के अंतर्गत डिजिटल मैपिंग, स्थानीय व्यवसायों की ऑनलाइन उपस्थिति, बहुभाषी जानकारी, सांस्कृतिक विरासत स्थलों की बेहतर प्रस्तुति और यात्रा से जुड़ी उपयोगी जानकारी को एकीकृत करने पर भी काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटक केवल प्रसिद्ध शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि छोटे शहरों, ग्रामीण पर्यटन, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्रों तक भी पहुंचें।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्रचार के माध्यम से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ घरेलू पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और छोटे उद्यमियों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। भारत में पर्यटन क्षेत्र पहले से ही करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है।
सरकार ने हाल के वर्षों में ‘देखो अपना देश’, स्वदेश दर्शन, प्रसाद योजना और पर्यटन अवसंरचना विकास जैसी कई योजनाओं पर भी जोर दिया है। Google के साथ यह नई साझेदारी इन प्रयासों को डिजिटल समर्थन प्रदान करेगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल खोज और ऑनलाइन कंटेंट के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में किसी भी देश की पर्यटन प्रतिस्पर्धा केवल प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों पर नहीं, बल्कि उनकी डिजिटल उपलब्धता और ऑनलाइन अनुभव पर भी निर्भर करती है। यदि पर्यटकों को सटीक, भरोसेमंद और आसानी से उपलब्ध जानकारी मिले, तो उनकी यात्रा की संभावना बढ़ जाती है।
पर्यटन मंत्रालय और Google India के बीच हुआ यह समझौता भारत के पर्यटन क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस साझेदारी के तहत कई नई डिजिटल सेवाएं और अभियान शुरू किए जा सकते हैं, जिनसे भारत की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
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