Last updated: July 17th, 2026 at 11:21 am

संसद के आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत का कथित अपमान करने या उसके गायन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत को भी वैसा ही सम्मान दिलाना है, जैसा वर्तमान में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन में बाधा डालता है, कार्यक्रम के दौरान व्यवधान उत्पन्न करता है या राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। विधेयक में ऐसे मामलों में अधिकतम तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान प्रस्तावित है।
यह संशोधन राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में बदलाव के रूप में लाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों के सम्मान को कानूनी रूप से और मजबूत किया जाना आवश्यक है।
वहीं, विपक्ष इस विधेयक पर क्या रुख अपनाएगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। सरकार को उम्मीद है कि संसद में इस विधेयक पर पर्याप्त समर्थन मिलेगा।
इसी मानसून सत्र में सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) को भी विचार और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध कर सकती है। यह विधेयक पहले लोकसभा में पेश किया जा चुका है, लेकिन उस समय उस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका था।
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