Last updated: July 17th, 2026 at 11:24 am

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जारी भूख हड़ताल को लेकर अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने भी इस मुद्दे पर सरकार से संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है।
बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अनशन पर बैठा है तो सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है और सरकार के प्रतिनिधियों को प्रदर्शनकारी से संवाद स्थापित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला दिल्ली से जुड़ा हुआ है, इसलिए यदि वे वहां होते तो स्वयं जाकर मुलाकात करते। उनके अनुसार, बातचीत से समाधान निकालने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया आई। पार्टी के प्रवक्ता डॉ. विनीत सिंह ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही होगी। उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के अन्य लोकतांत्रिक माध्यम भी उपलब्ध हैं।
एलजेपी (रामविलास) का मानना है कि सरकार उचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने में सक्षम है और उम्मीद जताई कि इस पूरे मामले का समाधान जल्द निकल सकता है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की दिशा में कोई ठोस पहल होती है या नहीं।
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