Human Live Media

HomeNewsदिल्ली में ‘जंतर-मंतर’ पर जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तेज

दिल्ली में ‘जंतर-मंतर’ पर जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तेज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित 'जंतर-मंतर' प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जम्मू-कश्मीर
1200-675-27170823-671-27170823-1784288155372

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘जंतर-मंतर’ प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस प्रदर्शन को कांग्रेस ने भी समर्थन देने की घोषणा की है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस मुद्दे पर अपनी अलग रणनीति तैयार करने के संकेत दिए हैं। इससे राजधानी में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।

Table of Contents

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता की आकांक्षाओं से जुड़ा विषय है। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर संसद और सड़क दोनों स्तरों पर आवाज उठाई जाएगी। दूसरी ओर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने दावा किया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी भाग ले सकते हैं।

    दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेना आवश्यक है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य आधुनिक निगरानी उपकरणों की सहायता से पूरे क्षेत्र पर नजर रख रही हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि इस विषय पर केंद्र सरकार पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। आगामी प्रदर्शन को लेकर विभिन्न दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।

    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि यदि प्रदर्शन के दौरान कुछ मार्गों पर यातायात में बदलाव किया जाता है तो वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। प्रशासन ने कहा है कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की जाएगी। आपातकालीन सेवाओं के आवागमन को प्रभावित न होने देने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां राजधानी में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

    दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। आगामी दिनों में प्रदर्शन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

    Loading

    Comments are off for this post.