Last updated: July 26th, 2026 at 11:59 am

दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
25 जुलाई 2026 को भेजे गए अपने पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने कथित रूप से लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग के तरीके अपनाए, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में एक घायल छात्र और एक पत्रकार का जिक्र करते हुए कहा कि सामने आए वीडियो और तस्वीरें घटनाक्रम की गंभीरता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं हुई हैं, तो पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है।
कांग्रेस नेता ने गृह मंत्री से दो प्रमुख सवाल पूछे हैं। पहला, क्या प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन या अन्य कठोर बल प्रयोग की अनुमति गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी? यदि नहीं, तो इसका आदेश किस स्तर पर दिया गया। दूसरा, प्रदर्शन स्थल पर सादे कपड़ों में मौजूद वे लोग कौन थे, जो प्रदर्शनकारियों के साथ कार्रवाई करते दिखाई दिए, और उनकी तैनाती किसके निर्देश पर की गई थी।
अपने पत्र के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मामले में पारदर्शिता बरती जाए, दोषियों की जवाबदेही तय की जाए और छात्रों की चिंताओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाए।
![]()
Comments are off for this post.