Last updated: August 11th, 2026 at 09:24 am

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सरकार जब उन सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हो तो उसे सुनना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे पर संसद में अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। ऐसे में विपक्ष को सरकार का जवाब सुनना चाहिए और उसके बाद तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
संसद में बहस और संवाद जरूरी: योगी
मुख्यमंत्री ने संसद को लोकतांत्रिक चर्चा और संवाद का महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर तथ्यपूर्ण और सार्थक बहस होनी चाहिए। उनके मुताबिक, सवाल-जवाब और चर्चा के जरिए ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती मिलती है।
योगी ने विपक्ष से अपील की कि सदन में उठाए गए सवालों के जवाब को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा माना जाए। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को भी संसद की गरिमा बनाए रखते हुए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
अमित शाह के बयान को लेकर सियासी खींचतान
विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से गृह मंत्री अमित शाह से संसद में इस मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने की मांग की जा रही है।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार सदन में सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। इसी सियासी माहौल के बीच योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है, जिसे विपक्ष पर सीधे तौर पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।
‘सवाल के साथ जवाब सुनना भी जरूरी’
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन जवाब आने के बाद उस पर तथ्यों के आधार पर चर्चा करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संसद में स्वस्थ बहस से लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा मजबूत होती है। वहीं, चर्चा से बचने के बजाय सभी पक्षों को संवाद के जरिए मुद्दों का समाधान तलाशना चाहिए।
भाजपा और विपक्ष के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर भाजपा तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। विपक्ष केंद्र सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि सरकार संसद में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
ऐसे में योगी आदित्यनाथ का बयान मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच विपक्ष को दिया गया एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल, जवाब और तथ्य आधारित बहस—तीनों की अपनी अहम भूमिका
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