
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी Gyanesh Bharti को Election Commission of India में Deputy Election Commissioner के पद से उनके parent cadre में वापस भेजने का फैसला किया है। 1998-बैच के AGMUT cadre के अधिकारी Bharti को अब Andaman and Nicobar Islands का Chief Secretary नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उनके कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
Appointments Committee of the Cabinet ने Bharti की repatriation को मंजूरी दी। यह निर्णय Ministry of Home Affairs के अनुरोध पर लिया गया और इसमें extended cooling-off period भी लगाया गया है। इसके बाद गृह मंत्रालय ने उन्हें Andaman and Nicobar Islands के Chief Secretary के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी किया।
Gyanesh Bharti 1998 बैच के AGMUT cadre के अधिकारी हैं। AGMUT cadre में Arunachal Pradesh-Goa-Mizoram-Union Territories क्षेत्र के कई प्रशासनिक क्षेत्र शामिल होते हैं। Bharti ने केंद्र में deputation के दौरान Election Commission में Deputy Election Commissioner के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
Election Commission में Deputy Election Commissioner के पद पर उनका कार्य चुनाव संबंधी प्रशासन और आयोग के विभिन्न कार्यों से जुड़ा रहा। अब उनकी नई जिम्मेदारी एक केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में होगी।
Andaman and Nicobar Islands भारत का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रशासित प्रदेश है। यहां Chief Secretary प्रशासनिक व्यवस्था में शीर्ष अधिकारियों में शामिल होता है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालता है।
Bharti की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाही में कई बदलाव किए हैं। हाल के दिनों में विभिन्न मंत्रालयों और प्रशासनिक पदों पर IAS अधिकारियों की नियुक्तियां और repatriation के फैसले सामने आए हैं।
Gyanesh Bharti की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे Election Commission में अपनी deputation पूरी होने से पहले parent cadre में लौट रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार Ministry of Home Affairs ने उनकी वापसी का अनुरोध किया था।
Parent cadre में वापसी के बाद उन्हें तुरंत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी गई है। Andaman and Nicobar Islands के Chief Secretary के रूप में उन्हें केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन, विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों के कामकाज की निगरानी करनी होगी।
Andaman and Nicobar Islands की भौगोलिक स्थिति इसे अन्य केंद्रशासित प्रदेशों से अलग बनाती है। दूर-दराज के द्वीपों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच, infrastructure development, connectivity और public services जैसे मुद्दे प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
इसके अलावा द्वीप समूह की रणनीतिक स्थिति के कारण यहां infrastructure और security से जुड़े विषय भी महत्वपूर्ण रहते हैं। Chief Secretary के स्तर पर विभिन्न केंद्रीय और स्थानीय संस्थाओं के साथ coordination की आवश्यकता होती है।
Bharti के पास केंद्र सरकार और Election Commission दोनों में काम करने का अनुभव है। यह अनुभव उनकी नई प्रशासनिक जिम्मेदारी में उपयोगी हो सकता है।
उनकी नियुक्ति से Andaman and Nicobar प्रशासन में वरिष्ठ स्तर पर नेतृत्व में बदलाव आया है। अब उनके कार्यभार संभालने के बाद प्रदेश की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं को लेकर आगे की दिशा स्पष्ट होगी।
केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि Bharti की Chief Secretary के रूप में नियुक्ति उनके charge संभालने की तारीख से प्रभावी होगी और यह अगले आदेश तक जारी रहेगी।
Gyanesh Bharti की ECI से वापसी और नई नियुक्ति को केंद्र सरकार के हालिया bureaucratic reshuffle के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। उनके साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े transfer और appointment orders भी जारी हुए हैं।
अब Bharti की प्राथमिक जिम्मेदारी Andaman and Nicobar Islands में प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करना होगी। विशेष रूप से public service delivery, infrastructure, connectivity और development projects पर प्रशासन का ध्यान रहेगा।
इस नियुक्ति के साथ उनका Election Commission में कार्यकाल समाप्त हो गया है और वे फिर से AGMUT cadre की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं।
Gyanesh Bharti को parent cadre में वापस भेजने और Andaman and Nicobar Islands का Chief Secretary नियुक्त करने का फैसला केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण bureaucratic appointments में शामिल है। 1998-बैच के इस वरिष्ठ IAS अधिकारी का अब ध्यान द्वीप समूह के प्रशासन और विकास से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।
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