Last updated: August 18th, 2026 at 10:44 am

नई दिल्ली: मुंबई के वांटेड अपराधी अख्तर मर्चेंट को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद सुरक्षा और जांच एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मर्चेंट का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के पूर्व सहयोगी के तौर पर सामने आता रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक साजिश और अवैध हथियार रखने समेत कई गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं।
इंटरपोल रिकॉर्ड में भी दर्ज है नाम
अख्तर मर्चेंट के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उसका जन्म 4 सितंबर 1965 को मुंबई में हुआ और वह भारतीय नागरिक है।
उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 384, 120B और 34 के तहत मामले दर्ज हैं। इन धाराओं में हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, आर्म्स एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख मिलता है।
ड्रग्स और हथियारों की कथित तस्करी से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में अख्तर मर्चेंट का नाम कथित ड्रग्स और हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों में भी सामने आया है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी MCOCA के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
मर्चेंट का नाम मुंबई के संगठित अपराध से जुड़े मामलों में लंबे समय से चर्चा में रहा है। दाऊद इब्राहिम से उसके कथित पुराने संबंधों को लेकर भी एजेंसियां पहले जांच कर चुकी हैं।
2022 में महाराष्ट्र ATS ने किया था गिरफ्तार
अख्तर मर्चेंट को महाराष्ट्र एटीएस ने वर्ष 2022 में गिरफ्तार किया था। अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद संबंधित एजेंसियां उसके पुराने आपराधिक मामलों, इंटरपोल नोटिस और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि उसके खिलाफ लंबित मामलों में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जानी है। दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद मुंबई अंडरवर्ल्ड और कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े पुराने मामलों की भी दोबारा पड़ताल की जा सकती है।
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