Last updated: August 18th, 2026 at 10:46 am

मेरठ: उत्तर प्रदेश एटीएस ने मेरठ में कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर के रूप में हुई है, जो बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह मेरठ के एक मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रहा था और इसी दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई।
एटीएस का आरोप है कि जफर मदरसे के नाम पर चंदा जुटाने की आड़ में धन एकत्र करता था। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और क्या इसका संबंध किसी आतंकी नेटवर्क से था।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी एजेंसियों की नजर
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एटीएस का दावा है कि आरोपी जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों और कथित तौर पर कट्टरपंथी सामग्री से प्रभावित था। एजेंसी उसकी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर हुई गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसने ऑनलाइन माध्यमों से दूसरे युवाओं को प्रभावित करने या कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया था।
UAPA के तहत मामला, नेटवर्क की जांच जारी
एटीएस के अनुसार, आरोपी को 16 अगस्त को मेरठ से हिरासत में लिया गया था। पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
अब जांच एजेंसियां कथित टेरर फंडिंग नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही हैं। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी के संपर्क में स्थानीय स्तर पर या विदेश में कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं।
एजेंसियां आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं।
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