Last updated: August 19th, 2026 at 10:24 am

पटना: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित AK-47 फायरिंग और पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से बुधवार को पटना में लोकभवन मार्च निकाला गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। एक ओर आरजेडी इसे छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रदर्शन करार दिया है।
मार्च से पहले ही राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जेपी गोलंबर से शुरू हुए प्रदर्शन को देखते हुए डाकबंगला चौराहे समेत कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।
मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी पर साधा निशाना
बीजेपी नेता और कभी लालू-राबड़ी परिवार के करीबी रहे मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मार्च जनता और युवाओं के मुद्दों के बजाय आरजेडी और तेजस्वी यादव की राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए निकाला गया है।
मृत्युंजय तिवारी ने इसे ‘पार्टी बचाओ और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी बचाओ मार्च’ बताते हुए कहा कि बिहार सरकार छात्रों और युवाओं के हित में काम कर रही है। उनके मुताबिक, विपक्ष को सड़क पर प्रदर्शन करने के बजाय सकारात्मक राजनीति पर ध्यान देना चाहिए।
बीजेपी नेता ने प्रदर्शन को लेकर ‘उपद्रवियों का मार्च’ जैसी टिप्पणी भी की और दावा किया कि सरकार रोजगार तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम कर रही है।
नीरज कुमार ने तिरंगे को लेकर जताई चिंता
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी आरजेडी के मार्च को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना राजनीतिक दलों का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
दरअसल, मार्च में शामिल होने वाले आरजेडी कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा नजर आया। इसी को लेकर नीरज कुमार ने प्रदर्शनकारियों से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का ध्यान रखने की अपील की।
जेपी गोलंबर से शुरू हुआ विरोध मार्च
आरजेडी का मार्च गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ। तेजस्वी यादव के साथ पार्टी के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लोकभवन की ओर बढ़े। पार्टी के अनुसार, प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा छात्रों और युवाओं से जुड़े सवालों के अलावा सीवान में हुई फायरिंग की घटना है।
मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की। डाकबंगला चौराहे पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई, जहां प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी थी।
पुलिस ने जवानों को संयम बरतने के निर्देश दिए
ASP लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि आरजेडी की ओर से लोकभवन मार्च आयोजित किया गया है। पुलिस का प्रयास था कि प्रदर्शन को डाकबंगला चौराहे पर नियंत्रित किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने जवानों को संयम के साथ स्थिति संभालने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर ही बल प्रयोग करने की बात कही गई।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
तेजस्वी यादव का यह मार्च बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बन गया है। आरजेडी लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी और जेडीयू नेता विपक्ष के आंदोलन की आलोचना कर रहे हैं।
फिलहाल पटना में भारी पुलिस तैनाती के बीच मार्च को लेकर प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस प्रदर्शन के जरिए आरजेडी ने सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं के बयानों से साफ है कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
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