Last updated: August 25th, 2026 at 11:40 am

पटना: बिहार में 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों को लेकर मंगलवार को पटना में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
छात्रों का प्रदर्शन गांधी मैदान क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए राजभवन की ओर जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करना और कथित पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराना है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं और सरकार को उनकी शिकायतों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती और स्थिति को बातचीत के जरिए नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और पेपर लीक को लेकर छात्रों के बीच पहले से नाराजगी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में युवा शामिल होते हैं और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल जांच का आश्वासन पर्याप्त नहीं है। वे परीक्षा प्रक्रिया में स्पष्टता और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने परीक्षा के पैटर्न और चयन प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई है।
विरोध के दौरान कई छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने सरकार से बातचीत की मांग की। छात्रों का कहना है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और BPSC तथा सरकार को परीक्षा से जुड़े सवालों पर विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए।
इस विवाद का असर केवल वर्तमान अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। बिहार में हर साल बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। परीक्षा में देरी, रद्दीकरण या प्रक्रिया पर विवाद होने से अभ्यर्थियों की तैयारी और करियर योजना प्रभावित होती है।
सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसका उद्देश्य भविष्य में पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सुझाव देना बताया गया है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे प्रश्नपत्र की सुरक्षा से लेकर परीक्षा केंद्र और मूल्यांकन तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। उनका मानना है कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए BPSC परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कई वर्षों तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। इसलिए परीक्षा से संबंधित विवादों का समाधान जल्द होना जरूरी है।
पुलिस कार्रवाई के बाद पटना में स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई।
70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता का बड़ा मुद्दा बन गया है। पटना में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की, जबकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। आने वाले दिनों में सरकार और BPSC का आधिकारिक निर्णय इस विवाद की दिशा तय करेगा।
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