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दवाओं पर 80% तक डिस्काउंट का प्रचार नहीं चलेगा! दिल्ली सरकार ने मेडिकल स्टोर्स को दी सख्त सलाह

दिल्ली में दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार ने मेडिकल स्टोर्स और केमिस्टों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है।
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दिल्ली में दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार ने मेडिकल स्टोर्स और केमिस्टों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। औषधि नियंत्रण विभाग ने दवाओं पर 60 से 80 फीसदी तक छूट देने वाले प्रचार और विज्ञापनों को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। विभाग के मुताबिक, ऐसे बढ़े-चढ़े दावे ग्राहकों को भ्रमित करने के साथ दवाओं की गुणवत्ता और उनके स्रोत को लेकर भी संदेह पैदा कर सकते हैं।

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    भारी छूट के दावों पर विभाग की नजर

    दिल्ली के कुछ मेडिकल स्टोर्स की ओर से प्रचार बोर्ड, बैनर और विज्ञापनों के जरिए 60, 70 और 80 फीसदी तक डिस्काउंट देने का दावा किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने दवा विक्रेताओं को भ्रामक या अतिशयोक्तिपूर्ण प्रचार से दूर रहने की सलाह दी है।

    विभाग ने दुकानदारों से कहा है कि ग्राहकों को दवाओं की कीमत और बिक्री से संबंधित जानकारी स्पष्ट एवं सही तरीके से दी जाए। किसी ऑफर या छूट को इस तरह पेश नहीं किया जाना चाहिए जिससे उपभोक्ता के मन में गलत धारणा बने।

    दवाओं को सामान्य सामान की तरह नहीं देखा जा सकता

    एडवाइजरी में कहा गया है कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं से अलग हैं। इनका सीधा संबंध मरीजों के स्वास्थ्य और उपचार से होता है। इसलिए दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए आकर्षक लेकिन भ्रामक छूट का प्रचार उचित नहीं माना जा सकता।

    विभाग का कहना है कि असामान्य रूप से ज्यादा छूट के दावे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं और उन्हें दवा की गुणवत्ता, वैधता तथा खरीद के स्रोत को लेकर सवाल खड़े करने का कारण दे सकते हैं।

    MRP से कम कीमत पर बिक्री पर रोक नहीं

    औषधि नियंत्रण विभाग ने केरल हाई कोर्ट के जून में दिए गए एक आदेश का भी उल्लेख किया है। विभाग के अनुसार, अदालत ने भ्रामक डिस्काउंट बोर्डों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई को उचित माना था। हालांकि, दवाओं को उनके अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP से कम कीमत पर बेचने पर सामान्य तौर पर रोक नहीं बताई गई थी।

    यानी सरकार की चिंता कम कीमत पर दवा बेचने से ज्यादा उस तरीके से है, जिसमें बड़ी छूट का दावा करके ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है।

    केमिस्ट एसोसिएशन से सहयोग की अपील

    दिल्ली सरकार ने केमिस्ट एसोसिएशन से भी इस मामले में सहयोग मांगा है। विभाग ने एसोसिएशन से अपने सदस्यों को एडवाइजरी की जानकारी देने और दवाओं के प्रचार में गलत या भ्रामक दावों से बचने के लिए जागरूक करने की अपील की है।

    दवाओं के स्रोत को लेकर भी उठ सकते हैं सवाल

    विभाग ने यह भी चिंता जताई है कि यदि कोई दुकान बेहद कम कीमत पर दवा बेचने या भारी छूट देने का दावा करती है, तो उपभोक्ताओं के मन में दवा की खरीद और उसके स्रोत को लेकर संदेह पैदा हो सकता है।

    सरकार का जोर है कि दवा कारोबार में पारदर्शिता बनी रहे और मरीजों को दवाओं से जुड़ी सही जानकारी मिले। मेडिकल स्टोर्स को भी प्रचार करते समय ऐसे दावों से बचने की सलाह दी गई है जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।

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