Last updated: August 27th, 2026 at 11:06 am

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार, 27 अगस्त को गंगा बैराज के पास एक दर्दनाक विमान हादसा हो गया। एक ट्विन-इंजन ट्रेनिंग विमान नत्थूपुरवा गांव के पास एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट दोनों की मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
जानकारी के मुताबिक, विमान ने गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे उड़ान भरी थी। लगभग 20 मिनट बाद यह कानपुर के गंगा बैराज के नजदीक नत्थूपुरवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
दुर्घटनाग्रस्त विमान Garg Aviation द्वारा संचालित प्रशिक्षण विमान था। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह Tecnam P2006T ट्विन-इंजन विमान था। विमान कानपुर में प्रशिक्षण उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
हादसे में जान गंवाने वालों में फ्लाइट इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी शामिल बताए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार सचिन भाटिया गुजरात के रहने वाले थे, जबकि अभिषेक पुजारी कर्नाटक से थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। विमान खेत में गिरा था, जिसके बाद मलबे को सुरक्षित किया गया और घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। दोनों लोगों को विमान से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों में तकनीकी खराबी समेत अलग-अलग संभावनाओं पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने दुर्घटना की वजह की पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विमान किस कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA को दे दी गई है। दुर्घटना की जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की जांच की घोषणा की गई है। जांच में विमान की तकनीकी स्थिति, उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड और दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
यह हादसा विमानन प्रशिक्षण की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है। प्रशिक्षण उड़ानों में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु दोनों की सुरक्षा के लिए विमान की तकनीकी जांच, उड़ान से पहले की प्रक्रियाएं और आपातकालीन व्यवस्थाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।
गौरतलब है कि Garg Aviation से जुड़े एक अन्य प्रशिक्षण विमान हादसे की घटना भी जून में सामने आई थी, जब एक महिला कैडेट पायलट को विमान से उतरते समय चल रहे प्रोपेलर की चपेट में आने से चोट लगी थी। हालांकि दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
कानपुर प्रशासन ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच एजेंसियों के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विमान के मलबे और उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण होगी।
हादसे की खबर फैलने के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
कानपुर के गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग विमान दुर्घटना में इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। DGCA और AAIB की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
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