Last updated: August 27th, 2026 at 11:09 am

लखनऊ: रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। यह सुविधा 27 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान महिलाओं को अपने मायके और परिवार तक आसानी से पहुंचने में मदद करना है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के अनुसार, इस अवधि के दौरान महिलाएं रोडवेज बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। उनके साथ यात्रा करने वाले एक पुरुष यात्री को भी निर्धारित व्यवस्था के तहत सुविधा दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
रक्षाबंधन के दौरान हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके जाती हैं। त्योहार के कारण बसों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा की योजना महिलाओं के लिए आर्थिक राहत के साथ-साथ यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
सरकार ने त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रमुख बस अड्डों और व्यस्त मार्गों पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है, ताकि यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार न करना पड़े।
UPSRTC के अधिकारियों को बसों के संचालन और यात्रियों की सुविधा पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहार के दौरान बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त फेरे लगाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
रक्षाबंधन के अवसर पर यह सुविधा राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाली महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। कई महिलाएं नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से अपने परिवार से दूर रहती हैं और त्योहार पर घर लौटती हैं।
मुफ्त यात्रा से विशेष रूप से कम आय वाले परिवारों को फायदा हो सकता है। लंबी दूरी की यात्रा में बस का किराया परिवार के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। सरकार की यह पहल उस खर्च को कम करने में मदद करेगी।
त्योहार के दौरान बस अड्डों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने कर्मचारियों की तैनाती और संचालन व्यवस्था पर ध्यान देने की तैयारी की है। यात्रियों को बसों की उपलब्धता और रूट से जुड़ी जानकारी पहले से प्राप्त करने की सलाह दी जा रही है।
यात्रियों के लिए यह भी जरूरी है कि वे यात्रा के दौरान अपने पहचान संबंधी दस्तावेज साथ रखें और बस कर्मचारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। भीड़ अधिक होने की स्थिति में सामान और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
रक्षाबंधन के दौरान केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ती है। इसलिए प्रमुख अंतरराज्यीय मार्गों पर परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
सरकार का यह फैसला महिलाओं की सुविधा के साथ-साथ त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में भी देखा जा रहा है। रोडवेज बसें उत्तर प्रदेश के कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ती हैं, जिससे उन क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को भी यात्रा का विकल्प मिलता है जहां रेल कनेक्टिविटी सीमित है।
रक्षाबंधन पर बसों की मांग बढ़ने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में अतिरिक्त बस संचालन की जरूरत पड़ती है। परिवहन निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि अतिरिक्त बसों के साथ पर्याप्त चालक और परिचालक भी उपलब्ध हों।
महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना पहले भी उत्तर प्रदेश में विभिन्न अवसरों पर लागू की जाती रही है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान महिलाओं को सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
सरकार की ओर से इस योजना को लेकर जारी निर्देशों के अनुसार, संबंधित अधिकारी बस संचालन की निगरानी करेंगे और किसी भी समस्या की स्थिति में आवश्यक कदम उठाएंगे।
रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके आसपास यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ने के कारण 27 और 29 अगस्त को भी अतिरिक्त व्यवस्था रखी गई है।
मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ लेने वाली महिलाओं को यात्रा से पहले संबंधित बस सेवा और रूट की जानकारी जांच लेना उपयोगी होगा, क्योंकि अलग-अलग श्रेणी की सेवाओं के नियम अलग हो सकते हैं।
परिवहन विभाग के लिए इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित करना और यात्रियों को समय पर बस उपलब्ध कराना होगी। यदि अतिरिक्त बसों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जाता है तो त्योहार के दौरान यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।
रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए 27 से 29 अगस्त तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों और अतिरिक्त फेरों की व्यवस्था भी की जा रही है। यह पहल महिलाओं को अपने परिवार तक आसानी से पहुंचने में मदद करने के उद्देश्य से की गई है।
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